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स्किल डेवलपमेंट के दायरे में आएगा ज्योतिष
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 24 Jul 2015 09:37 AM IST
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हिमाचल में परंपरागत रूप से ज्योतिष, कर्मकांड आदि धार्मिक अनुष्ठान करवाने वाले लोगों को प्रदेश सरकार ने स्किल डेवलपमेंट के दायरे में लाने की कवायद शुरू कर दी है। रोजगार विभाग इस पर स्टडी कर रहा है। जन्म से लेकर मृत्यु तक होने वाले संस्कार, कर्मकांड, ज्योतिष विद्या से कई लोग परंपरागत रूप से जुड़े हैं।
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प्रदेश सरकार ने पहली बार स्किल डेवलपमेंट के तहत जन्म से लेकर मृत्यु तक होने वाले संस्कारों को करवाने और ज्योतिष विद्या में परंपरागत रूप से निपुण लोगों को लाने के लिए कवायद शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आदेश पर विभाग इस पर स्टडी कर रहा है।
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श्रम, रोजगार एवं उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि सरकार ने कौशल विकास के दायरे में ज्योतिष के अलावा जन्म से लेकर मृत्यु तक होने वाले संस्कारों को करवाने वाले लोगों को लाने पर विचार किया है। इस पर विभाग स्टडी कर रहा है। उन्होंने कहा कि कई लोग परंपरागत रूप से इस काम को पीढ़ी दर पीढ़ी कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से इस परंपरा को बचाया जा सके।
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प्रदेश सरकार के प्रयासों से उद्योगपति हिमाचल में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। टीवीएस कंपनी ने नालागढ़ में इंजन बनाने की इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा बर्धमान कंपनी बद्दी में 550 करोड़ का निवेश करेगी।
सरकार ने गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र में उद्योगपतियों के बैठक कर उन्हें हिमाचल में निवेश करने के लिए निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि माइनिंग के लिए पर्यावरण क्लीयरेंस लेने के लिए 12 जुलाई तक आवेदन मांगें गए थे। जिन लोगों ने आवेदन नहीं किया है सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।