टीसीपी अफसर हत्याकांड की जांच मंडलायुक्त शिमला को सौंपी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कसौली में टीसीपी अफसर हत्याकांड मामले की जांच का जिम्मा सरकार ने मंडलायुक्त शिमला को सौंपा है। सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान लेने के बाद सरकार ने बुधवार को जांच के आदेश जारी किए।
15 दिन के भीतर मंडलायुक्त रिपोर्ट सौंपेंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गोलीकांड का शिकार हुईं सहायक नगर नियोजक शैल बाला के परिजनों को पांच लाख का मुआवजा देने का निर्णय लिया है।
मुख्य सचिव विनीत चौधरी के अनुसार वीरवार को सरकार पूरे तथ्यों के साथ सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी।सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद सरकार ने घटनाक्रम के एक दिन बाद मंडलायुक्त शिमला के अधीन जांच टीम गठित कर दी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में हुई इतनी बड़ी चूक पर अभी तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
मृतका के परिजनों को पांच लाख रुपये राहतः सीएम
पुलिस की मौजूदगी में टीसीपी अफसर सहित लोक निर्माण विभाग के एक कर्मचारी पर गोली चलाने वाले आरोपी के मौके से फरार होने के पीछे की वजहों का पता जांच रिपोर्ट के बाद चलेगा। सरकार वीरवार को सुप्रीम कोर्ट को अवगत करवाएगी कि पूरे घटनाक्रम के दौरान क्या व्यवस्था रही।
घटना की जांच का जिम्मा मंडलायुक्त शिमला को सौंपा गया है। मंडलायुक्त 15 दिन के भीतर सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे। मृतका के परिजनों को सरकार पांच लाख रुपये राहत राशि प्रदान की जाएगी और घायल व्यक्ति के इलाज का खर्च वहन करेगी।
वीरवार को घटना की स्टेटस रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय को सौंपी जाएगी। गोलीकांड के आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर प्रदेश में कानून व्यवस्था को कायम रखा जाएगा।- जयराम ठाकुर, मुख्यमंत्री