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विधानसभा सत्र: हिमाचल में होगा बोनमैरो और अंग प्रत्यारोपण

Mon, 13 Dec 2021 10:46 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 13 Dec 2021 10:46 PM IST
सार

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सेजल ने कांग्रेस विधायक इंद्र दत्त लखनपाल के लाए गए प्रस्ताव में चर्चा के दौरान कहा कि हिमाचल देश का पहला प्रदेश होगा जहां 20 मरीजों की निशुल्क किडनी ट्रांसप्लांट किया जा रहा है। 

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Assembly session himachal: Bone marrow and organ transplant will happen in Himachal
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सेजल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल में डॉक्टरों की भर्ती का मामला कोर्ट में लटकने के कारण विशेषज्ञों की कमी पेश आ रही है। जैसे ही कोर्ट में मामले का हल होगा, उसके तुरंत बाद ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चल रहे रिक्त पदों को भरा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सेजल ने कांग्रेस विधायक इंद्र दत्त लखनपाल के लाए गए प्रस्ताव में चर्चा के दौरान कहा कि हिमाचल देश का पहला प्रदेश होगा जहां 20 मरीजों की निशुल्क किडनी ट्रांसप्लांट किया जा रहा है। अभी पांच मरीजों के निशुल्क किडनी ट्रांसप्लांट हुए हैं।

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छह मरीजों ने किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के लिए पंजीकरण किया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही बोनमैरो और अंग प्रत्यारोपण भी किया जाएगा। प्रदेश में पैट स्कैन की सुविधा भी जल्द प्रदान की जाएगी। जिन दवाइयों के सैंपल फेल हुए हैं, उसके खिलाफ भी मामले दर्ज करवाए जा रहे हैं। दिसंबर और जनवरी तक टांडा मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन की नई मशीन स्थापित कर दी जाएगी। हमीरपुर और चंबा में भी सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन स्थापित की जाएंगी। 

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केंद्र से धनराशि में देरी के कारण रुका मिड-डे मील वर्कर्स का मानदेय

मिड-डे मील वर्करों के लिए केंद्र से धनराशि जारी करने में देरी हुई है। इससे इनका मानदेय देने में दिक्कतें आ रही हैं। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने यह जानकारी विधायक राकेश सिंघा के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान दी। सिंघा ने मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय में देरी पर चर्चा मांगी थी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार ने अपने स्तर पर मानदेय का प्रावधान कर अदायगी शुरू कर दी है। मिड-डे मील योजना केंद्र प्रायोजित योजना है। इसे 90:10 में चलाया जा रहा है। प्रदेश में 10739 प्राइमरी स्कूलों में और 4778 मिडिल स्कूलों में यह योजना चल रही है। प्रदेश सरकार मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय पर 24.25 करोड़ वार्षिक खर्च कर रही है। सिंघा ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को कोविड भत्ता देने की घोषणा की थी, लेकिन यह आज तक नहीं दिया गया है। 

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