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एएसपी बोले, शौक के तौर पर होती है नशे की शुरुआत
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 20 Mar 2016 10:04 AM IST
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बालूगंज स्कूल में छात्रों को संबोधित करते एएसपी सिटी भजन देव नेगी।
- फोटो : अमर उजाला
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नशे से दूर रहें, क्योंकि नशा नाश कर देता है। यह बात बालूगंज स्कूल में स्कूली छात्रों को संबोधित करते हुए एएसपी सिटी भजन देव नेगी ने कही। नशे के दलदल में कैसे फंसते हैं, इस बारे में बताते हुए कहा कि पहले चरण में शौकिया तौर पर नशे का इस्तेमाल करते हैं और कुछ दोस्तों के बहकावे में नशेड़ी बन जाते हैं, तीसरा कारण नशे के सामान आसानी से उपलब्ध हैं। लिहाजा वह भी बच्चों को नशे की ओर आकर्षित करते हैं।
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उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए छात्र को दोबारा मुख्यधारा में जोड़ने के लिए उसके साथ सामान्य व्यवहार रखना चाहिए, उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अभिभावकों के साथ साथ उसके सहपाठियों को भी उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर उसे नजरअंदाज कर दिया और उसे नशेड़ी कहकर चिढ़ाने का काम किया तो वह अपराध की राह पर भी चल सकता है।
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शुरू में नशे की जरूरत को पूरा करने के लिए पहले छोटी-छोटी चोरी करेगा, बाद में बड़ी आपराधिक वारदातों को अंजाम दे सकता है। लिहाजा कच्ची उम्र में नशे के आदी स्कूली छात्रों को प्यार से समझाकर सभी के सहयोग से पहले जैसा बनाया जा सकता है। एएसपी सिटी ने छात्रों को नशे से दूर रहने की हिदायत दी और नशे के दुष्प्रभाव के बारे में बताया।
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उन्होंने छात्रों को बताया कि नशा क्या होता है? नशा क्यों करते हैं और इसका नशे करने वाले के मन और शरीर पर कितना प्रभाव पड़ता है। तनाव को दूर करने के लिए भी कुछ लोग नशे का इस्तेमाल करते हैं लेकिन वह इस बात को भूल जाते हैं कि नशा तनाव को दूर नहीं, और ज्यादा बढ़ा रहा है।
सहपाठी को सब होता है पता- एएसपी भजन देव नेगी ने कहा कि सहपाठी को सब पता होता है कि कक्षा में कौन कौन नशे का सेवन करता है और वह कहां से नशे का सामान खरीदकर आया है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि नशा करने वालों की बेहतरी और उज्ज्वल भविष्य के लिए इस बात की जानकारी दें ताकि नशा बेचने वालों पर भी शिकंजा कसा जा सके।