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Shimla: समिति की अनुशंसा के बिना ही दे दी 97 लाख के प्रोजेक्ट की मंजूरी, जानें पूरा मामला

Wed, 26 Feb 2025 12:43 PM IST
Krishan Singh चैतन्य ठाकुर, शिमला
चैतन्य ठाकुर, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 26 Feb 2025 12:43 PM IST
सार

राज्य स्तरीय बहु-विषयक अनुदान सहायता समिति (एमडीजीआईए) की बैठक के बाद यह मामला सामने आया है।

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Approval for a project worth 97 lakhs was given without the recommendation of the committee
लाखें के प्रोजेक्ट को बिना अनुशंसा के मंजूरी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सामाजिक एवं अधिकारिता विभाग पर एक एनजीओ को करीब 97 लाख रुपये के प्रोजेक्ट की मंजूरी देने पर सवाल उठे रहे हैं। राज्य स्तरीय बहु-विषयक अनुदान सहायता समिति (एमडीजीआईए) की बैठक के बाद यह मामला सामने आया है। समिति के सदस्य सचिव ने एनजीओ के प्रोजेक्ट को नामंजूर कर बैठक की कार्यवाही की रिपोर्ट प्रदेश सचिव को भेजी है। इसमें कहा गया है कि कांगड़ा की एक स्वयंसेवी संस्था के वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए तीनों प्रस्तावों की अनुशंसा बैठक में नहीं की गई थी, लेकिन समिति के चेयरमैन की ओर से भेजी गई कार्यवाही रिपोर्ट में यह गलत रूप से अनुमोदित किया गया है। सदस्य सचिव ने राज्य सरकार से तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है। सदस्य सचिव ने प्रशासनिक विभाग को इस संस्था के राज्य स्तरीय समन्वय एजेंसी के रूप में पंजीकरण को रद्द करने की भी सिफारिश की है। बताया जा रहा है कि बैठकी की कार्यवाही को चेयरमैन के अनुमोदन से सदस्य सचिव की ओर से जारी किया जाता है।

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15 जनवरी को प्रदेश सचिवालय में सामाजिक एवं अधिकारिता चेयरमैन आईएएस आशीष सिंहमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। समिति की सदस्य सचिव किरण भड़ाना ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए नशा मुक्ति, वृद्धावस्था और विकलांगता क्षेत्रों में काम करने वाले विभिन्न सरकारी-गैर सरकारी संगठनों के सहायता अनुदान के लिए केंद्र प्रायोजित योजना के तहत 13 और राज्य प्रायोजित योजना के तहत तीन प्रस्ताव पारित हुए हैं। बैठक में प्रस्तावों को अवलोकन के लिए समिति के समक्ष रखा गया। हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद कई फैसले लिए गए, जबकि संबंधित संस्था के सभी तीन प्रस्तावों की समिति की बैठक में अनुशंसा नहीं की गई थी। आरोप हैं कि एनजीओ के तीनों प्रस्तावों को गलत रूप से सशर्त मंजूरी दे दी गई और केंद्र सरकार को भेजने की सिफारिश भी की गई है। अब निदेशालय ने बैठक की कार्यवाही को संशोधित करने का आग्रह किया है, जिससे सही कार्यवाही दर्शाई जा सके।

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बैठक में निदेशालय से प्रदेश में पांच नशा मुक्ति केंद्रों में से 3 को मंजूरी देनी की अनुशंसा नहीं देने का प्रस्ताव आया था। लेकिन समिति में चर्चा के बाद उस संस्था के तीन प्रस्तावों को सशर्त मंजूरी देने का फैसला लिया गया है। आशीष सिंहमार, प्रदेश सचिव सामाजिक एवं अधिकारिता विभाग

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