Apple Season Himachal: ग्रेडिंग मशीनों पर अब 18 फीसदी जीएसटी वसूलने की तैयारी
दो लाख की ग्रेडिंग मशीन पर बागवानों को 36,000 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। ग्रेडिंग मशीनों के साथ इस्तेमाल होने वाले जनरेटर, स्टेबलाइजर और प्लास्टिक क्रेट पर 18 फीसदी जीएसटी वसूला जा रहा है।
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बागवानों पर सेब सीजन के दौरान कार्टन के बाद अब ग्रेडिंग मशीनों पर जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) बढ़ने की मार पड़ने वाली है। जीएसटी काउंसिल ने ग्रेडिंग मशीनों पर 5 से बढ़ाकर 18 फीसदी जीएसटी वसूलने का फैसला लिया है। 18 जुलाई से नई दरें लागू होंगी। इसके बाद दो लाख की ग्रेडिंग मशीन पर बागवानों को 36,000 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। ग्रेडिंग मशीनों के साथ इस्तेमाल होने वाले जनरेटर, स्टेबलाइजर और प्लास्टिक क्रेट पर 18 फीसदी जीएसटी वसूला जा रहा है। मशीन लगाने पर औसतन 10 लाख रुपये खर्च होते हैं। नई दरें लागू होने पर अब 1.80 लाख सिर्फ जीएसटी ही चुकाना होगा।
हिमाचल में ग्रेडिंग मशीनें स्थापित करने वाली दीवान इंडस्ट्रीज के सेल्स मैनेजर और डिस्ट्रीब्यूटर मनोज चंदेल का कहना है कि जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी 5 से 18 फीसदी करने का फैसला लिया है। हाई टेक ग्रेडिंग मशीन एप्लाइंस मेन्युफेक्चरर अंबाला के संचालक कर्मचंद धीमान ने बताया कि 18 जुलाई से जीएसटी 18 फीसदी लगेगा। प्रदेश में करीब सवा लाख बागवान मशीनों से सेब की ग्रेडिंग कर रहे हैं। संयुक्त किसान मंच के संयोजक संजय चौहान ने बताया कि कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार गरीब किसान-बागवानों पर बोझ डाल रही है।
सरकार ने बागवानों पर डाला महंगाई का भार : चौहान
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि पहले फंफूद और कीटनाशकों की कीमतें बढ़ाकर और अब सेब कार्टन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी करके सरकार ने प्रदेश बागवानों पर महंगाई का भार डाल दिया है।