हिमाचल को ब्रांड बनना चाहते थे कलाम, दिए थे ये नौ मिशन
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पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम हिमाचल को 2015 तक एक ‘ब्रांड’ बनाना चाहते थे। उन्होंने खुद प्रदेश के विकास के लिए नौ मिशन का फार्मूला सुझाया था। डा. कलाम ने हिमाचल में स्विट्जरलैंड बनने की क्षमता आंकी थी।
उन्होंने 23 दिसंबर, 2004 को बतौर राष्ट्रपति खुद हिमाचल विधानसभा में सूबे के विकास के लिए विजन डाक्यूमेंट पेश किया था। इसमें उन्होंने हिमाचल को 2015 तक एक विकसित प्रदेश बनने का लक्ष्य दिया था।
लेकिन इसी साल वे दुनिया को अलविदा कह गए। उनके विजन डाक्यूमेंट पर प्रदेश में कुछ काम भी हुआ, लेकिन हिमाचल अभी तक डा. कलाम के सपनों का ‘ब्रांड’ नहीं बन सका है।
हिमाचल को कहा था ब्रॉन्ड हिमाचल
डा. कलाम के ‘हिमाचल प्रदेश : मिशंस फॉर प्रोस्पेरिटी’ नामक इस विजन डाक्यूमेंट में कहा गया है कि हिमाचल वैश्विक दृष्टि से भी उल्लेखनीय राज्य बन सकता है। इसके लिए हिमाचल को एक ब्रांड बनाना होगा, जो भारत और विश्व में सफल हो सके। ब्रांड हिमाचल!
विश्व के प्रत्येक व्यक्ति के मन में हिमाचल बसा हुआ है। सबसे नवीन पर्वत, ऊंचे शिखर, आध्यात्मिक श्रेष्ठता, प्राचीन ज्ञान, शांति, अनुपम सौंदर्य, सतलुज, ब्यास, झरनों का पानी और सबसे बढ़कर निश्छल-सुंदर लोग। हिमाचल के तैंतीस लाख युवा प्रदेश को ब्रांड बनाने की ताकत रखते हैं।
हिमाचल विधानसभा के काउंसिल चैंबर में उन्होंने विकास के सूत्र बताने के साथ नौ मिशनों के मॉडलों की प्रेजेंटेशन भी दी थी। प्रदेश विधानसभा के सचिव सुंदर सिंह वर्मा बताते हैं कि डा. कलाम ने हिमाचल के विकास के लिए नौ मिशन सुझाए थे। मिशन बुक सदस्यों को भी दी गई थी। हिमाचल विधानसभा सचिवालय में भी यह सुरक्षित है।
ये नौ मिशन दिए थे डा. कलाम ने
1. शत-प्रतिशत साक्षरता, कौशल और सभी को चिकित्सा बीमा।
2. हर गांव में नॉलेज, इलेक्ट्रॉनिक और फिजिकल कनेक्टीविटी।
3. औषधीय पौधों, फूलों और सुगंधित पौधों के उत्पादन पर जोर।
4. सेब सहित तमाम फलों के उत्पादन और प्रोसेसिंग पर बल।
5. वर्षा जल संचयन और हिम जल पर आधारित पेयजल व्यवस्था।
6. 10 हजार मेगावाट अतिरिक्त पन बिजली उत्पादन के लिए 50 हजार करोड़ निवेश।
7. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी व्यवसाय को बढ़ावा देना।
8. घरेलू पर्यटक दोगुना और विदेशी पर्यटक छह गुणा बढ़ाने के लिए बुनियादी सुविधाएं।
9. 1000 करोड़ रुपये निर्यात का लक्ष्य तय कर ऊनी कपड़ा उद्योग की स्थापना।
हिमाचल से हमेशा रहा डा. कलाम का गहरा नाता
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का हिमाचल से भी गहरा नाता रहा है। वह हिमाचल आते-जाते रहे हैं। वह जब भी हिमाचल आते तो यहां के वातावरण और लोगों की तारीफ करते नहीं थकते थे। उन्होंने बतौर राष्ट्र्रपति 22 और 23 दिसंबर 2004 को अपने दो दिवसीय दौरे में हिमाचल के कई क्षेत्रों का विजिट किया। वह डा. वाईएस परमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर गए।
वहां उन्होंने धान, बेमौसमी सब्जियों और मशरूम की उन्नत किस्मों को देखा। शिमला के एक निकटवर्ती गांव सरोग गए और वहां ग्रामीणों से मिले। हिमाचल के ग्रामीण जीवन से रू-ब-रू हुए। फिर केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र शिमला के कुफरी प्लांट पर गए। वहां उन्होंने वैज्ञानिकों से इंटरएक्शन किया। फिर हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला का दौरा किया।
वहां विधानसभा सदस्यों को संबोधित किया। पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम की यादें हमीरपुर जिले से भी जुड़ी हुई हैं। डॉ. कलाम तीन जनवरी 2009 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी हमीरपुर के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने को आए थे। उन्होंने उस समय संस्थान के भावी इंजीनियरों को डिग्री देकर सम्मानित किया था। हालांकि, उस समय वह राष्ट्रपति नहीं थे। वहां पूर्व राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह में संस्थान के इंजीनियरों में देशभक्ति का जोश भरा।