भाजपा में ही हैं अनिल, विधायक दल की बैठक में भी हुए शामिल
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पूर्व मंत्री और विधायक अनिल शर्मा भाजपा में ही हैं। सोमवार को मानसून सत्र के शुरू होने से पहले शर्मा को भाजपा के वरिष्ठ विधायकों के बीच बैठाया गया। उनकी सीट मुख्य सचेतक एवं जुब्बल-कोटखाई के भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा और पांवटा के भाजपा विधायक सुखराम चौधरी के बीच तय की गई है।
इसके साथ ही उनके भाजपा में होने पर असमंजस खत्म हो गया है। अनिल शर्मा सोमवार सुबह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई विधायक दल की बैठक में भी शामिल हुए। इसी में उनके बारे में स्थिति साफ कर दी गई।
अनिल ने दो दिन पहले कहा था कि उन्हें विधायक दल की बैठक में नहीं बुलाया गया है। उनके बारे में सीएम और सत्ती अलग-अलग बयान दे रहे हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती जहां कह रहे हैं कि उनकी पार्टी से प्राथमिक सदस्यता खत्म है तो सीएम जयराम ठाकुर ने कहा था कि वह भाजपा में ही हैं।
ऐसे में अनिल शर्मा असमंजस में पड़ गए थे कि वह विधायक दल की बैठक में जाएं या नहीं। बताते हैं कि रविवार को उन्हें बैठक में आने की सूचना दे दी गई थी। इसके बाद वह सोमवार सुबह हुई बैठक में शामिल रहे।
इस बैठक में उनके सभी संशय दूर कर दिए गए हैं। अब अनिल शर्मा को सुखराम चौधरी के बाएं और नरेंद्र बरागटा के दाएं बैठाया गया है। सुखराम चौधरी के साथ बैठने वाले राकेश पठानिया को अब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री के साथ बैठाया गया है।
मंत्री किशन कपूर और भाजपा विधायक सुरेश कश्यप के सांसद बनने के बाद भी विधायकों के सिटिंग प्लान में बदलाव आया है। यह मालूम रहे कि जयराम सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे अनिल शर्मा ने लोकसभा चुनाव के दौरान बेटे आश्रय शर्मा के कांग्रेस से चुनाव लड़ने के चलते मंत्री पद छोड़ दिया था।