आंगनबाड़ी केंद्रों में सुरक्षित रहेंगे मासूम
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। प्रदेश के हर आंगनबाड़ी केंद्र में सीसीटीवी कैमरे लगाएगी। इस पर सरकार विचार कर रही है।
चंबा के एक आंगनबाड़ी केंद्र की बच्चियों से दुराचार का मामला बेहद संगीन है। यह घटना देवभूमि हिमाचल को शर्मसार करने वाली है। बेहद कड़े तेवर में उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने तो यहां तक कह दिया दोषी कम से कम सात साल के लिए जेल जाएंगे। सोमवार को सोलन में एक दिवसीय दौरे के दौरान ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चियों से दुराचार मामले की जांच पुलिस गहनता से कर रही है।
जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के आला अधिकारियों से मामले की रिपोर्ट तलब की गई है। जांच में किसी तरह कि कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
बाल कल्याण विभाग ने लिया संज्ञान
आंगनबाड़ी केंद्र की बच्चियों से दुराचार मामले में प्रदेश महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। चंबा पहुंचीं राज्य महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक जेआर कटवाल ने आदेश जारी किए कि जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के घरों में केंद्र चल रहे हैं उन्हें तुरंत प्रभाव से किसी नजदीकी स्कूल या सरकारी भवनों में शिफ्ट किया जाए।
बैठक में उन्होंने क्षेत्र की वन अधिकार समितियों को जिम्मा सौंपा कि वे तय करें कि आंगनबाड़ी का अपना भवन कहां बन सकता है। बैठक में चर्चा के बाद ये सामने आया की दुराचार का यह मामला आंगनबाड़ी के कार्य अवधि के दौरान नहीं हुआ है।
इस मौके उप निदेशक ने प्रभावितों को 25-25 हजार रुपये बतौर राहत प्रदान किए हैं।