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अब इतने सस्ते में वैध होगा आपका आशियाना
Updated Fri, 28 Nov 2014 09:22 AM IST
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चौतरफा विरोध के कारण राज्य सरकार अवैध निर्माणों को वैध करने की प्रस्तावित फीस में भारी कमी करने जा रही है। एक्ट के संशोधित ड्राफ्ट में टीसीपी एरिया में घर नियमित कराने की फीस 70 फीसदी कम करने की तैयारी है, जबकि नगर निगम क्षेत्र में 60 फीसदी की कमी प्रस्तावित है।
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टीसीपी दायरे में घर का ग्राउंड फ्लोर नियमित कराने के लिए 400 रुपये प्रति वर्गमीटर और अन्य मंजिलें नियमित कराने के लिए 200 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से राशि वसूली जाएगी।
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नगर निगम शिमला के एरिया में ग्राउंड फ्लोर 800 रुपये और अन्य मंजिलें 400 रुपये प्रति वर्गमीटर शुल्क की दर से नियमित होंगे। अब तक दोनों क्षेत्रों में भवन नियमित करने का शुल्क एरिया के हिसाब से अलग-अलग लिया जाता है।
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मार्च तक टल गया टीसीपी विधेयक
टीसीपी विभाग ने ग्रीन, कोर और हेरिटेज एरिया में भवन निर्माण पर प्रतिबंध लगाने का ड्राफ्ट पिछली कैबिनेट में रखा था। मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि इसे मंजूर करने से पहले जनता की राय जरूरी है।
इसके चलते अब संशोधित विधेयक के ड्राफ्ट पर 30 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। इस ड्राफ्ट को मार्च 2015 में विधानसभा के बजट सत्र में रखा जाएगा।
मनाली, डलहौजी और धर्मशाला के लोगों को राहत
ड्राफ्ट में मनाली, डलहौजी और धर्मशाला के लोगों को भवन नियमित करवाने में राहत दी है। यहां कोर, ग्रीन और हेरिटेज एरिया नहीं है। ये लोग नियमों के मुताबिक निर्माण और भवनों को नियमित करा सकेंगे।
पहले ये थीं घर नियमित कराने की दरें
- 10 से 20 फीसदी तक अनाधिकृत- 1000 रुपये प्रति वर्गमीटर
- 20 से 40 फीसदी तक अनाधिकृत- 2000 रुपये प्रति वर्गमीटर
- 40 से 60 फीसदी तक अनाधिकृत- 3000 रुपये प्रति वर्गमीटर
- 60 से 70 फीसदी तक अनाधिकृत- 4000 रुपये प्रति वर्गमीटर
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि संशोधित विधेयक के ड्राफ्ट में फीस आधे से भी ज्यादा कम कर दी गई है। शुल्क प्रस्ताव के साथ छेड़छाड़ नहीं होगी। संशोधित विधेयक में ग्रीन, कोर और हेरिटेज एरिया में राहत देने के लिए जनता से राय ली जानी है। शुल्क को लेकर स्लैब नहीं, सीधे चार्ज फिक्स किए गए हैं।
पहले ये थीं घर नियमित कराने की दरें
- 10 से 20 फीसदी तक अनाधिकृत- 1000 रुपये प्रति वर्गमीटर
- 20 से 40 फीसदी तक अनाधिकृत- 2000 रुपये प्रति वर्गमीटर
- 40 से 60 फीसदी तक अनाधिकृत- 3000 रुपये प्रति वर्गमीटर
- 60 से 70 फीसदी तक अनाधिकृत- 4000 रुपये प्रति वर्गमीटर
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि संशोधित विधेयक के ड्राफ्ट में फीस आधे से भी ज्यादा कम कर दी गई है। शुल्क प्रस्ताव के साथ छेड़छाड़ नहीं होगी। संशोधित विधेयक में ग्रीन, कोर और हेरिटेज एरिया में राहत देने के लिए जनता से राय ली जानी है। शुल्क को लेकर स्लैब नहीं, सीधे चार्ज फिक्स किए गए हैं।