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Shimla News: सड़कों से जल्द जोड़े जाएंगे 250 आबादी वाले सभी गांव
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विभाग ने केंद्र को भेज दी है डीपीआर
शिमला सर्किल की करीब 40 सड़कों की डीपीआर की है तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चौथे चरण में दो साल तक सड़क सुविधा से वंचित गांवों को शामिल किया जा सकेगा। केंद्र सरकार ने अधिक से अधिक गांवों को योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है। शिमला सर्किल से करीब 40 सड़कों की डीपीआर तैयार की है। बजट मिलते ही सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
योजना के तहत 250 आबादी वाले गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार को भी भेज दी है। जमीन की गिफ्ट डीड और फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण कई गांव योजना से महरूम रह जाते हैं। इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने आने वाले दो सालों तक 250 की आबादी वाले गांवों को औपचारिकताएं पूरी होने के बाद योजना में शामिल करने का प्रावधान किया है। इससे प्रदेश के सैकड़ों गांव आने वाले दिनों में इस योजना के तहत कवर हो सकेंगे और सड़क सुविधा से जुड़ सकेंगे। लोक निर्माण विभाग ने दावा किया है कि चरण-4 में जनजातीय क्षेत्रों के अधिक से अधिक बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाना है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार इन बस्तियों को सड़क से जोड़ने के लिए प्राथमिकता दी है।
सरकार ने जिला कुल्लू, लाहौल स्पीति, किन्नौर और चंबा जिले के दूरदराज के गांव शामिल किए हैं। इन क्षेत्रों में सड़क के अभाव में लोगों को कई किलोमीटर का पैदल सफर करके गांव तक निर्माण सामग्री को पहुंचाना पड़ता है। अधीक्षण अभियंता शिमला दीपक चौहान ने बताया कि पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में दो साल तक 250 की आबादी वाले गांव शामिल किए जा सकते हैं।
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चौथे चरण में 300 से अधिक सड़कें बनेंगी
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चरण-4 के तहत हिमाचल में करीब 300 सड़कें बनेंगी। केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक लोक निर्माण विभाग औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इसकी डीपीआर बनाकर भेज दी है। अब केंद्र से योजना को लेकर बैठकों का दौर जारी है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बजट जारी होते ही सड़कों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के शिमला सर्किल ने चौथे चरण में 40 सड़कों को शामिल किया है। हालांकि केंद्र के प्रावधान के कारण आने वाले दिनों में भी औपचारिकताएं पूरी होने वाले और गांवों को भी योजना में शामिल किया जा सकेगा।
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शिमला सर्किल की करीब 40 सड़कों की डीपीआर की है तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चौथे चरण में दो साल तक सड़क सुविधा से वंचित गांवों को शामिल किया जा सकेगा। केंद्र सरकार ने अधिक से अधिक गांवों को योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है। शिमला सर्किल से करीब 40 सड़कों की डीपीआर तैयार की है। बजट मिलते ही सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
योजना के तहत 250 आबादी वाले गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार को भी भेज दी है। जमीन की गिफ्ट डीड और फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण कई गांव योजना से महरूम रह जाते हैं। इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने आने वाले दो सालों तक 250 की आबादी वाले गांवों को औपचारिकताएं पूरी होने के बाद योजना में शामिल करने का प्रावधान किया है। इससे प्रदेश के सैकड़ों गांव आने वाले दिनों में इस योजना के तहत कवर हो सकेंगे और सड़क सुविधा से जुड़ सकेंगे। लोक निर्माण विभाग ने दावा किया है कि चरण-4 में जनजातीय क्षेत्रों के अधिक से अधिक बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाना है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार इन बस्तियों को सड़क से जोड़ने के लिए प्राथमिकता दी है।
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सरकार ने जिला कुल्लू, लाहौल स्पीति, किन्नौर और चंबा जिले के दूरदराज के गांव शामिल किए हैं। इन क्षेत्रों में सड़क के अभाव में लोगों को कई किलोमीटर का पैदल सफर करके गांव तक निर्माण सामग्री को पहुंचाना पड़ता है। अधीक्षण अभियंता शिमला दीपक चौहान ने बताया कि पीएमजीएसवाई के चौथे चरण में दो साल तक 250 की आबादी वाले गांव शामिल किए जा सकते हैं।
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चौथे चरण में 300 से अधिक सड़कें बनेंगी
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चरण-4 के तहत हिमाचल में करीब 300 सड़कें बनेंगी। केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक लोक निर्माण विभाग औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इसकी डीपीआर बनाकर भेज दी है। अब केंद्र से योजना को लेकर बैठकों का दौर जारी है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बजट जारी होते ही सड़कों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के शिमला सर्किल ने चौथे चरण में 40 सड़कों को शामिल किया है। हालांकि केंद्र के प्रावधान के कारण आने वाले दिनों में भी औपचारिकताएं पूरी होने वाले और गांवों को भी योजना में शामिल किया जा सकेगा।