दस्तावेज लाने गए शख्स से बोले अफसर- तुम तो मर चुके हो, जिन्दा होने का प्रमाण लाओ
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राजस्व विभाग का कारनामा देखिए। सरकारी रिकॉर्ड में जिंदा आदमी को मृत और उसकी पत्नी को विधवा घोषित कर दिया। शिमला के चिड़गांव निवासी जब जमाबंदी के दस्तावेज लेने सरकारी दफ्तर पहुंचा तो उसके पांव तले जमीन खिसक गई।
विभाग के अधिकारियों ने उसे ये कहकर बैरंग लौटा दिया कि रिकॉर्ड के अनुसार तुम तो मर चुके हो। अपने जीवित होने का प्रमाण-पत्र लाओ तभी दस्तावेज मिलेंगे। अब जीवत व्यक्ति खुद के जिंदा होने के प्रमाण-पत्र के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है।
ये वाक्या शिमला जिले के चिड़गांव की खरशाली पंचायत के दिउची गांव निवासी धर्म दास (67) के साथ हुआ है। धर्म दास का कहना है कि उसके पास भारत सरकार का 694800752775 नंबर का आधार कार्ड है।
देना पड़ा जिंदा होने का सबूत, सुधारा जा रहा रिकॉर्ड
ग्राम पंचायत खरशाली तहसील चिड़गांव के परिवार रजिस्टर की पृष्ठ संख्या 14 में धर्म दास पुत्र साध जन्मतिथि जनवरी 1950 जाति अनुसूचित और पत्नी चंद्रमणि पत्नी दोनों दर्ज हैं। उसे मृत घोषित कर राजस्व एवं भू-रिकॉर्ड चंद्रमणि के नाम कर दिया गया।
भूमि रिकॉर्ड में चंद्रमणि विधवा धर्मदास लिखा गया है। मामला सामने आने पर धर्मदास ग्राम पंचायत कार्यालय खरशाली पहुंचे। यहां धर्म दास के जीवित होने का प्रमाणपत्र जारी किया गया। अब धर्मदास ने एसडीएम रोहडू को अपने जीवित होने के प्रमाणपत्र आवेदन के साथ राजस्व रिकॉर्ड में दुरुस्ती के लिए कहा है।
तहसीलदार चिड़गांव मस्तराम कश्यप ने कहा कि मामले की उनकी सूचना मिली है। दस्तावेजों की जांच के बाद पूरी जानकारी दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसी जीवित व्यक्ति को मृत घोषित करना बड़ी चूक है।