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सरकार के खिलाफ सड़कों पर एबीवीपी, धर्मशाला में प्रदर्शन-नारेबाजी
Wed, 04 Mar 2020 05:52 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 04 Mar 2020 05:52 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सीयू को लेकर एबीवीपी ने भाजपा सरकार को घेर लिया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस की तरह भाजपा ने भी वोट की राजनीति कर रही है। शिलान्यास के एक साल बाद भी केंद्रीय विवि के स्थायी परिसरों का निर्माण न हो पाना भाजपा सरकार की नाकामी है। संगठन ने बुधवार को सरकार के खिलाफ धर्मशाला में हल्ला बोला।
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प्रदर्शन में केंद्रीय विवि के धर्मशाला, शाहपुर और देहरा परिसरों के अलावा हिमाचल प्रदेश विवि के क्षेत्रीय केेंद्र खनियारा, कांगड़ा, नगरोटा, तकीपुर, डीएवी कांगड़ा, मटौर, शाहपुर और धर्मशाला कॉलेज के छात्रों ने भी भाग लिया। प्रदेश सचिव राहुल राणा ने कहा कि पिछले 23 दिन से एबीवीपी कार्यकर्ता कक्षाओं का बहिष्कार कर आंदोलन कर रहे हैं। 21 फरवरी को शाहपुर स्थित अस्थायी परिसर में मोमबत्तियां जलाकर शोक सभा की। बावजूद कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। इसके चलते छात्रों को सड़कों पर उतरना पड़ा है।
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उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार का रवैये ऐसा ही रहा, तो आंदोलन का उग्र रूप दिया जाएगा। जरूरत पड़ने चलो धर्मशाला के बाद चलो शिमला और दिल्ली का नारा दिया जाएगा। इस मौके पर एबीवीपी के चंबा-कांगड़ा विभाग के संगठन मंत्री धनदेव ठाकुर, कांगड़ा जिला संगठन मंत्री साहिल चंदेल, सचिन, नवदीप कौशल आदि छात्र नेता मौजूद रहे।
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सीयू के नाम पर खोल दीं अस्थायी दुकानें, राशन नहीं भरा: शबनम
देहरा परिसर की छात्रा नेत्री शबनम ने कहा कि केंद्र सरकार ने सीयू की अस्थायी दुकानें तो खोल दी, लेकिन अब राशन भरना भूल गई है। परिसरों में छात्रों की सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। छात्रावास तो दूर, परिसरों में गर्ल्स कॉमन रूम की सुविधा नहीं है। देहरा में अभी 100 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन लाईब्रेरी में सिर्फ 25 के बैठने का प्रावधान हैं।
अभी तीन स्थानों पर अस्थायी रूप से चल रही हैं कक्षाएं
केंद्र सरकार ने 2009 में विश्वविद्यालय खोला था। तक से लेकर अभी तक भवन निर्माण नहीं हो पाया है। देहरा, शाहपुर और धर्मशाला में किराये या फिर दूसरे शिक्षण संस्थानों के भवनों में सीयू की कक्षाएं अस्थायी रूप से चल रही हैं। 11 साल से भवन निर्माण की दिशा में कोई स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।