{"_id":"64f9cfee4548af04c109fde9","slug":"air-quality-index-2023-himachal-s-parwanoo-kala-amb-tops-in-air-quality-improvement-across-the-country-2023-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Air Quality Index: वायु गुणवत्ता सुधार में हिमाचल का परवाणू, कालाअंब देश भर में अव्वल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Air Quality Index: वायु गुणवत्ता सुधार में हिमाचल का परवाणू, कालाअंब देश भर में अव्वल
Thu, 07 Sep 2023 06:59 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 07 Sep 2023 06:59 PM IST
सार
प्रदेश के दो शहर वायु गुणवत्ता सुधार में देशभर में अव्वल आए हैं। वायु सर्वेक्षण-2023 में हिमाचल के परवाणु ने पहला जबकि कालाअंब ने दूसरा स्थान हासिल किया है।
विज्ञापन
हिमाचल के दो शहरों को मिला वायु गुणवत्ता सुधार का पुरस्कार।
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के दो शहर वायु गुणवत्ता सुधार में देशभर में अव्वल आए हैं। वायु सर्वेक्षण-2023 में हिमाचल के परवाणु ने पहला जबकि कालाअंब ने दूसरा स्थान हासिल किया है। भोपाल में कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने परवाणू को प्रथम आने के लिए 37.50 लाख और कालाअंब को 25 लाख की राशि प्रदान की। हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने सम्मान प्राप्त किया।
विज्ञापन
पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार ने 3 लाख से कम आबादी वाले गैर-प्राप्ति शहरों की श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर यह पुरस्कार दिया है। हिमाचल प्रदेश से परवाणू, कालाअंब, पावंटा, सुंदरनगर, डमटाल, नालागढ़ और बद्दी प्रदूषण कम करने के लिए चुने गए थे। बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने बताया कि देश के 131 शहरों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर प्रदेश के दो शहर चयनित हुए हैं। राज्य स्तरीय वायु गुणवत्ता निगरानी समिति के अध्यक्ष प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना के मार्गदर्शन में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए टीम भावना से काम किया गया।
विज्ञापन
भारी संख्या में पर्यटक वाहनों की आवाजाही के बावजूद वाहनों के उत्सर्जन पर नियंत्रण, धूल नियंत्रित करने के लिए सड़कों की समयबद्ध टारिंग, पराली जलाने पर रोक, निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन, वनीकरण और औद्योगिक वायु प्रदूषण पर नियंत्रण से पीएम 10 में कमी आई। एक अभियान के तौर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिला प्रशासन, स्थानीय निकायों और विभिन्न विभाग के सहयोग से लक्ष्य हासिल किया। सबसे बड़ा सहयोग स्थानीय लोगों का रहा। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने संबंधित शहरों के लिए कार्य योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए बोर्ड अधिकारियों को बधाई दी है।
विज्ञापन