केंद्र से उठाया एम्स निर्माण के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस का मामला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार ने बिलासपुर के कोठीपुरा में बनने वाले एम्स निर्माण के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस का मामला केंद्र सरकार से उठाया है। 1205 बीघा जमीन में एम्स का निर्माण होगा। कृषि विभाग की करीब 600 बीघा जमीन एम्स के नाम हो गई है, जबकि 425 बीघा जमीन वन महकमे की है। जमीन पर सैकड़ों पेड़ हैं।
इन्हें हटाने को सरकार ने केंद्र सरकार को फाइल भेजी है। केंद्र से अनुमति मिलने के बाद जमीन एम्स के नाम हो जाएगी। पशुपालन विभाग की 116 बीघा जमीन अभी एम्स के नाम होनी बाकी है। केंद्रीय कैबिनेट ने 3 जनवरी, 2018 को हिमाचल के बिलासपुर में 1350 करोड़ की लागत से एम्स निर्माण को मंजूरी दी है।
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बिलासपुर में 750 बिस्तरों वाला मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनाया जाएगा। एम्स कॉलेज अस्पताल में 100 सीटें, जबकि नर्सिंग कॉलेज में 60 सीटें होंगी। लगभग 48 महीने में बनने वाले नए एम्स में 15 ऑपरेशन थियेटर के अलावा 20 स्पेशिएलिटी और सुपर स्पेशिएलिटी विभाग होंगे।
यहां एम्स की तर्ज पर आवासीय परिसर और सहयोगी सेवा केंद्र भी होंगे। चिकित्सा की परंपरागत पद्धति आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए यहां 30 बिस्तरों वाला आयुष विभाग होगा।
बिलासपुर के कोठीपुरा में बनने वाले एम्स को लेकर सरकार गंभीर है। फॉरेस्ट क्लीयरेंस का मामला केंद्र से उठाया है। अन्य विभागों की जमीन को भी एम्स के नाम की जा रही है। - बीके अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य