फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Agriculture: Fragrance of brown basmati grown in Himachal will now smell abroad along with the country

कृषि: देश के साथ अब विदेशों में भी महकेगी हिमाचल के ब्राउन बासमती की खुशबू, जानें इसके औषधीय गुण

Thu, 10 Feb 2022 01:35 AM IST
Krishan Singh बलविंद्र सोढ़ी, संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी)
बलविंद्र सोढ़ी, संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी) Published by: Krishan Singh Updated Thu, 10 Feb 2022 01:35 AM IST
सार

मंडी जिले के बायला गांव में उगाई जाने वाली बायला ब्राउन बासमती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुशबू बिखेरेगी। रियासत काल की औषधीय गुणों से भरपूर बायला प्रजाति फिलहाल विलुप्त होने की कगार पर है। 

विज्ञापन
Agriculture: Fragrance of brown basmati grown in Himachal will now smell abroad along with the country
ब्राउन बासमती - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बायला गांव में उगाई जाने वाली बायला ब्राउन बासमती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुशबू बिखेरेगी। रियासत काल की औषधीय गुणों से भरपूर बायला प्रजाति फिलहाल विलुप्त होने की कगार पर है। इसकी महत्ता को देखते हुए कृषि विश्वविद्यालय पालमप़ुर बायला बासमती की जियो टैंगिंग करवाने जा रहा है। रसोई की शान रही बायला ब्राउन बासमती को वर्तमान में प्रोत्साहन न मिलने से ग्रामीणों ने इसकी पैदावार बंद कर दी थी। कुछ ही किसान इसकी खेती कर रहे हैं। वैज्ञानिकों ने परीक्षण कार्य भी आरंभ कर दिया है। ब्राउन राइस में प्रोटीन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और फास्फोरस जैसे मिनरल पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते हैं। अभी 50 हेक्टेयर भूमि पर एक सीजन में करीब 1500 क्विंटल बासमती की पैदावार अनुमानित है।

विज्ञापन


ब्राउन राइस किसी भी गंभीर बीमारी का संपूर्ण इलाज नहीं है। यह केवल बीमारियों के लक्षणों को कम कर सकता है। यह कोलेस्ट्रोल नियंत्रित करता है। मधुमेह के लिए ब्राउन राइस के फायदेमंद है।  इसमें फाइबर, प्रोटीन, फाइटोकेमिकल्स और मिनरल्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है। व्हाइट राइस की तुलना में ब्राउन राइस में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जो शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को कम रखता है। इसलिए मधुमेह के मरीजों के लिए ब्राउन राइस का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। ब्राउन राइस खाने के फायदे वजन नियंत्रण भी शामिल है। - डॉ. देवेंद्र शर्मा, सीएमओ मंडी
विज्ञापन


क्या है जियो टैगिंग
जियोग्राफिकल इंडिकेशन टैग एक प्रकार का लेवल होता है। जिसमें किसी प्रोडक्ट को विशेष भौगोलिक पहचान दी जाती है। ऐसा प्रोडक्ट जिसकी विशेषता या फिर प्रतिष्ठा मुख्य रूप से प्रकृति और मानवीय कारकों पर निर्भर करती है। जीआई टैग से पहले किसी भी सामान की गुणवत्ता, उसकी क्वालिटी और पैदावार की अच्छे से जांच की जाती है। यह तय किया जाता है कि उस खास वस्तु की सबसे अधिक और ओरिजिनल पैदावार निर्धारित राज्य की ही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

बायला ब्राउन बासमती को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने के लिए कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर ने इसकी रजिस्ट्रेशन और जीआई टैगिंग कराने का कार्य शुरू कर दिया है। 

डॉ. हरेंद्र कुमार चौधरी, कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed