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Shimla News: पेपर लीक मामलों की जांच को लेकर एसएफआई की भूख हड़ताल जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर 20 जुलाई से चल रही क्रमिक भूख हड़ताल तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। बुधवार को स्नेहा, कुशाल राणा, अमन, अंकुश और आरुष क्रमिक अनशन पर बैठे। एसएफआई के ये सभी कार्यकर्ता सीटीओ चौक पर बने रेन शेल्टर में क्रमिक अनशन कर रहे हैं।
भाजपा ने किया रोकने का प्रयास : सेक्टा
एसएफआई के राज्य अध्यक्ष सनी सेक्टा ने आरोप लगाया कि छात्र शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी दौरान भाजपा से जुड़े लोगों ने मौके पर आंदोलन को बलपूर्वक रोकने का प्रयास किया। छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की गई। कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कहा कि देशभर में छात्र पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं। इन आंदोलनों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि एनटीए को भंग करने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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शिमला। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर 20 जुलाई से चल रही क्रमिक भूख हड़ताल तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। बुधवार को स्नेहा, कुशाल राणा, अमन, अंकुश और आरुष क्रमिक अनशन पर बैठे। एसएफआई के ये सभी कार्यकर्ता सीटीओ चौक पर बने रेन शेल्टर में क्रमिक अनशन कर रहे हैं।
भाजपा ने किया रोकने का प्रयास : सेक्टा
एसएफआई के राज्य अध्यक्ष सनी सेक्टा ने आरोप लगाया कि छात्र शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी दौरान भाजपा से जुड़े लोगों ने मौके पर आंदोलन को बलपूर्वक रोकने का प्रयास किया। छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की गई। कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कहा कि देशभर में छात्र पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं। इन आंदोलनों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि एनटीए को भंग करने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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