सुखविंद्र के बाद अब वीरभद्र के निशाने पर युकां प्रदेशाध्यक्ष मनीष
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पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बाद अब हिमाचल युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मनीष ठाकुर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निशाने पर आ गए हैं। वीरभद्र ने सुक्खू को हटवाने के बाद अब मनीष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
वीरभद्र सिंह ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मनीष ठाकुर ने विधानसभा चुनाव के दौरान पांवटा में पार्टी प्रत्याशी किरनेश जंग के खिलाफ काम किया था। यह काफी गंभीर मामला है। वह इसकी शिकायत हाईकमान से करेंगे।
पार्टी की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल से भी इस मामले को उठाया जाएगा। वीरभद्र ने कहा कि केंद्र के अंतरिम बजट में हिमाचल के हितों के दृष्टिगत कुछ नहीं दिया गया। प्रदेश के किसानों, बागवानों और अन्य किसी भी वर्ग को कोई फायदा नहीं पहुंचाया है।
जीतने की क्षमता वाले को मिलना चाहिए टिकट
राज्य के वार्षिक बजट से भी उनको कोई उम्मीद नहीं है। उधर, मीडिया में बयानबाजी पर रोक के बावजूद वीरभद्र सिंह के बयान पर प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि मीडिया में किसी भी नेता को कोई भी बयान नहीं देने के निर्देश दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस बारे में बात की जाएगी।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए टिकट का आवेदन करने वाले नेताओं ने उनसे मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि पार्टी टिकट उसे मिलना चाहिए, जो जीतने की क्षमता रखता हो।
राहुल ने सौंपी है जिम्मेदारी, कहेंगे तो छोड़ दूंगा पद: मनीष
युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष मनीष ठाकुर ने कहा कि उन्हें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने जिम्मेदारी सौंपी है। राहुल गांधी को लगेगा कि सही काम नहीं कर रहा हूं तो वह कभी भी हटा सकते हैं।
मैं बिना विलंब पद छोड़ दूंगा। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल बाद याद आ रहा है कि पांवटा में कांग्रेस प्रत्याशी किरनेश जंग के खिलाफ काम किया है। युवा कांग्रेस अध्यक्ष के नाते संगठन को मजबूत बनाने में कोई कोर क सर नहीं छोड़ी।
कौन क्या कहता है, यह कोई मायने नहीं रखता। पांवटा की जनता सच्चाई जानती है। भाजपा सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए करीब 41 एफआईआर हुई हैं।
इनमें से 24 में मनीष ठाकुर का नाम लिखा है। कुछ बड़े नेता पार्टी से जुड़े आम लोगों को आगे बढ़ते नहीं देख पा रहे। ये नेता क्या चाहते हैं, यह किसी की भी समझ से बाहर की बात है।