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बिजली, पानी और सड़कें बहाल होने में लगेंगे तीन दिन
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 13 Jan 2017 01:50 PM IST
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हिमाचल सरकार ने हाईकोर्ट को बताया है कि प्रदेश में हुई जबरदस्त बर्फबारी के कारण सड़क और बिजली की बिगड़ी हालत को दो से तीन दिन में सामान्य कर दिया जाएगा। प्रदेश में अभी तक 70 फीसदी इलाकों में बिजली व्यवस्था को बहाल कर लिया गया है जबकि राजधानी शिमला में 80 फीसदी इलाकों में बिजली की आपूर्ति सामान्य कर लिया गया है। किसी भी इलाके में बिना भेदभाव सड़कों और बिजली की लाइनों को बर्फबारी से हुए नुकसान को ठीक किया जा रहा है।
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प्रदेश सरकार की ओर से महाधिवक्ता श्रवण डोगरा ने हाईकोर्ट द्वारा केएनएच में 5 दिन के बच्चे की मौत पर लिए गए संज्ञान के मामले में वीरवार को सरकार की ओर से हाईकोर्ट में रिपोर्ट सौंपी। मुख्य सचिव द्वारा इस मामले में दायर हलफनामे के अनुसार कमला नेहरू अस्पताल शिमला में जिस 5 दिन के बच्चे की मौत हुई, वह प्रिमेच्योर बेबी था। जन्म से ही उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। जिस समय उसकी मृत्यु हुई, उस समय बिजली बाधित जैसी घटना नहीं हुई।
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केएनएच में 2 जेनरेटर जो स्वत: चलित हैं लगाए गए हैं। बिजली बाधा के कारण प्रदेश के किसी भी भाग में कोई भी मौत नहीं हुई है। ज्ञात रहे कि गत 7 जनवरी की रात को केएनएच में कथित तौर पर अचानक बिजली गुल हो जाने से 5 दिन के मासूम बच्चे की मौत पर छपी खबर पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव सहित स्वास्थ्य सचिव, गृह सचिव, बिजली बोर्ड के इंजीनियर इन चीफ, जिलाधीश शिमला और नगर निगम शिमला के आयुक्त से स्टेट्स रिपोर्ट तलब की थी।
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मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा ने सरकार की ओर से दिए वक्तव्य पर मामले में नियुक्त कोर्ट मित्र को प्रतिक्रिया में अपनी रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए। कोर्ट ने मुख्य सचिव को भी 20 फरवरी तक मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत ताजा रिपोर्ट दायर करने के आदेश देते हुए इस मामले को 8 मार्च को लिस्ट करने के आदेश दिए हैं।
शिमला में 78 फीसदी क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बहाल
राज्य बिजली बोर्ड प्रबंधन ने राजधानी शिमला के 78 फीसदी क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बहाल होने का दावा किया है। बोर्ड के उप निदेशक लोक संपर्क अनुराग पराशर ने बताया कि शुक्रवार को पूरे शहर में बिजली सप्लाई बहाल करने के पूरे प्रयास जारी हैं। जिला शिमला के चौपाल क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति को वीरवार दोपहर बहाल कर दिया गया है। चंबा के पांगी क्षेत्र के सभी 25 ट्रांसफार्मरों को सुचारु कर आपूर्ति बहाल कर दी है।
रोहड़ू क्षेत्र की 90 प्रतिशत विद्युत आपूर्ति को 11 जनवरी तक बहाल कर दिया है। नेरवा, झीकनीपुल, देहा/क्यारी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति को बहाल करने का कार्य प्रगति पर है। ठियोग क्षेत्र में 468 ट्रांसफार्मरों में से 107 ट्रांसफार्मरों को 11 जनवरी तक बहाल कर दिया गया है। शेष 77 प्रतिशत को 15 जनवरी तक बहाल कर दिया जाएगा। कोटखाई के तहत आने वाले क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति को 14 जनवरी तक बहाल कर दिया जाएगा।
रामपुर क्षेत्र में 850 ट्रांसफार्मरों में से 810 को 11 जनवरी तक बहाल कर दिया है। शेष 40 ट्रांसफार्मरों को 14 जनवरी तक बहाल कर दिया जाएगा। मंडी के थुनाग क्षेत्र की अधिकांश विद्युत आपूर्ति को बहाल कर दिया गया है। करसोग और पांगणा क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति की बहाली का कार्य प्रगति पर है। करसोग की विद्युत आपूर्ति को 13 जनवरी तक बहाल कर दिया जाएगा। बरोट घाटी के टिक्कन क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति को भी वीरवार को बहाल कर दिया गया है।
जिला चंबा के भरमौर की विद्युत आपूर्ति को बहाल करने का कार्य प्रगति पर है। 100 ट्रांसफार्मरों में से 80 को बहाल कर दिया गया है। शेष 20 ट्रांसफार्मरों को 13 जनवरी तक बहाल किया जाएगा। तीसा क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति को बहाल करने का कार्य प्रगति पर है। 10 जनवरी तक कुल 170 ट्रांसफार्मरों में से 120 को बहाल कर दिया गया है। सलूणी और डलहौजी क्षेत्र में 90 ट्रांसफार्मरों में से 86 को बहाल कर दिया गया है।