Shimla News: शिमला, रामपुर और रोहड़ू में सबसे अधिक आदतन चिट्टा तस्कर, पुलिस की इस कार्रवाई में खुलासा
शिमला पुलिस की उपमंडल स्तर पर आदतन नशा तस्करों को लेकर की जा रही कार्रवाई में खुलासा हुआ है कि शिमला, रामपुर और रोहड़ू क्षेत्र में सबसे अधिक आदतन चिट्टा तस्कर हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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शिमला जिले के शिमला, रामपुर और रोहड़ू क्षेत्र में सबसे अधिक आदतन चिट्टा तस्कर हैं। शिमला पुलिस की उपमंडल स्तर पर आदतन नशा तस्करों को लेकर की जा रही कार्रवाई में यह खुलासा हुआ है। पुलिस ने अब ऐसे नशा तस्करों की पहचान कर उनके पुराने नशा तस्करी के रिकाॅर्ड जुटाकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया है। ऐसे आदतन अपराधियों को अब सीधे तीन महीने के लिए जेल भेजा जाएगा।
पुलिस के मुताबिक यह ऐसे नशा तस्कर हैं, जिनके खिलाफ एक से अधिक चिट्टा तस्करी के मामले दर्ज हैं। एक बार गिरफ्तार होने के बाद यह जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से नशा तस्करी के अवैध कारोबार में संलिप्त हो जाते हैं। इस वजह से यह नशा तस्कर समाज के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। खासकर युवा पीढ़ी को अपने नशे की आपूर्ति और कमाई के लिए नशे के दलदल में धकेला जा रहा है। पुलिस अभी तक पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत 40 प्रस्ताव तैयार कर पुलिस मुख्यालय को भेज चुकी है। यहां से पड़ताल के बाद इन मामलों को मंजूरी के लिए गृह विभाग को भेजा जाएगा।
शिमला शहर में सबसे अधिक नौ आदतन नशा तस्करों की पहचान की गई है। इसमें कई आदतन अपराधी अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करों के साथ ही लगातार संपर्क में पाए गए हैं। कई बार पुलिस की टीमें आरोपियों को चिट्टे और कैश के साथ गिरफ्तार कर चुकी है लेकिन यह अपराधी जमानत मिलने के बाद फिर जगह बदलकर नशा तस्करी के अवैध कारोबार में जुट जाते हैं। इसके अलावा रामपुर से भी नौ आदतन चिट्टा तस्करों की पहचान की गई है। रोहड़ू से आठ आदतन अपराधियों का डाटा पुलिस ने विभिन्न थानों में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के दर्ज मामलों की गहन पड़ताल और उनके तस्करों के साथ लगातार संपर्क में रहने के सबूत जुटाकर तैयार किया है। ठियोग में ऐसे 6 आदतन तस्करों की पुलिस ने पहचान की है।
पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत आदतन अपराधियों को जेल भेजने के लिए सलाहकार बोर्ड का गठन किया है। गृह सचिव से किसी भी आरोपी को हिरासत में भेजने के बाद सलाहकार बोर्ड इस मामले की सुनवाई करता है। इसकी अध्यक्षता प्रदेश हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश करते हैं। इसके अलावा दो वरिष्ठ अधिवक्ता इसके सदस्य होते हैं। बार-बार नशा तस्करी में पकड़े जाने के बावजूद नशे का अवैध कारोबार करने वालों से सख्ती से निपटने के लिए पीआईटी एनडीपीएस एक्ट में सख्त प्रावधान किए गए हैं।
क्या है पीआईटी एनडीपीएस एक्ट
पीआईटी एनडीपीएस एक्ट 1988 उन गंभीर नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर लगाया जाता है, जो लगातार इसमें संलिप्त पाए जाते हैं। यह कार्रवाई सरकार की ओर से की जाती है। यह उन अपराधियों के खिलाफ लगाया जाता है, जिनका जेल में बंद किया जाना जरूरी है। पुलिस जिले में अभी तक सैकड़ों लोगों को चिट्टा तस्करी में गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें कई अपराधी ऐसे हैं जिनके खिलाफ नशा तस्करी के कई केस दर्ज हैं।