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राष्ट्रीय युवा दिवस: अभ्यास के लिए आंचल ने रिश्तेदारों से लिए लाखों रुपये, देश को दिलाया मेडल
Wed, 12 Jan 2022 12:40 PM IST
Krishan Singh
रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू
रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 12 Jan 2022 12:40 PM IST
सार
टर्की में कांस्य पदक जीतने के बाद देश और प्रदेश में स्कीइंग को नई पहचान मिली है। यह पहचान मनाली की आंचल ठाकुर ने दिलाई है। उन्होंने एक नहीं बल्कि दो बार देश को स्कीइंग में किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीते हैं।
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आंचल ठाकुर
- फोटो : संवाद
विस्तार
2018 को टर्की में कांस्य पदक जीतने के बाद देश और प्रदेश में स्कीइंग को नई पहचान मिली है। यह पहचान मनाली की आंचल ठाकुर ने दिलाई है। उन्होंने एक नहीं बल्कि दो बार देश को स्कीइंग में किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीते हैं। देश और प्रदेश के युवाओं के लिए आंचल प्रेरणा बन गई हैं।
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पिछले माह उन्होंने यूरोपियन देश मोंटेनेग्रो में हुई स्कीइंग की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में यह इतिहास रचा है। इसे पहले उन्होंने 2018 में भी टर्की में हुई स्कीइंग की अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। दिसंबर 2021 का पदक जीतना आंचल के लिए आसान नहीं था।
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धन के अभाव के साथ उनके लिए कोरोना भी मुसीबत बन गया था। उनकी कोई ट्रेनिंग नहीं हो सकी। आचंल को तैयारी के लिए आस्ट्रिया जाना पड़ा और इसके लिए उन्हें करीब 40 लाख रुपये का खर्च उठाना पड़ा।
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इसके लिए उन्हें रिश्तेदारों से भी लाखों रुपये की मदद लेनी पड़ी। करीब डेढ़ माह तक ट्रेनिंग करने के दौरान ही आंचल ने स्कीइंग की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया और देश को स्कीइंग में दूसरा मेडल दिलाया। आंचल ने कहा कि धन के अभाव से वह अपनी ट्रेनिंग के लिए लाखों का खर्च नहीं उठा पाती हैं। उन्हें उम्मीद है सरकार मदद करेगी।