{"_id":"6914884f85f9b1cd5a0769aa","slug":"a-list-of-100-drug-smugglers-has-been-prepared-and-they-will-be-sent-to-jail-shimla-news-c-19-sml1002-630909-2025-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: जिले में 100 नशा तस्करों की सूची तैयार, भेजे जाएंगे जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: जिले में 100 नशा तस्करों की सूची तैयार, भेजे जाएंगे जेल
विज्ञापन
एक्सकलूसिव
नशा तस्करी का नेटवर्क तोड़ने को पुलिस ने शुरू की मुहिम, जांच में खुलासा, जमानत पर छूटने के बाद फिर
पीआईटी एनडीपीएस के तहत की जाएगी कार्रवाई
तीन महीने तक सीधे जेल भेजने का है प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला पुलिस ने नशा तस्करी में लगातार सक्रिय 100 तस्करों की सूची तैयार की है। यह लोग पहले भी कई बार नशा तस्करी के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं लेकिन जमानत मिलने के बाद दोबारा चिट्टे समेत अन्य मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय हैं।
अब पुलिस ने ऐसे आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत सरकार से अनुमति लेने के बाद सीधे जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। इस एक्ट के तहत आदतन अपराधियों को तीन महीने तक सीधे जेल भेजने का है प्रावधान। एसएसपी शिमला ने इस संबंध में सभी एसडीपीओ और थाना प्रभारियों को निर्देश जारी कर सूची में शामिल आदतन अपराधियों की फाइल तैयार करने को कहा है। फाइल में अपराधियों का पुराना नशा तस्करी समेत अन्य आपराधिक घटनाओं से जुड़ा रिकॉर्ड और अन्य जानकारियां शामिल होती हैं। अभी तक जिला पुलिस पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन लोगों को जेल भेज चुकी है। नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पुलिस ने इस साल अभी तक 242 के करीब केस दर्ज किए हैं। इसमें 530 के करीब आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें कई अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह भी शामिल हैं। जिले में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली समेत अन्य राज्यों से चिट्टे की तस्करी हो रही है। इसे रोकने के लिए पुलिस जिले की सीमाओं पर लगातार निगरानी करके चिट्टा लेकर आने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है।
क्या है पीआईटी एनडीपीएस एक्ट
पीआईटी एनडीपीएस एक्ट 1988 उन गंभीर नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर लगाया जाता है, जो लगातार इसमें संलिप्त पाए जाते हैं। यह कार्रवाई सरकार की ओर से की जाती है। यह उन अपराधियों के खिलाफ लगाया जाता है, जिनका जेल में बंद किया जाना जरूरी है।
विज्ञापन
सलाहकार बोर्ड करता है मामले की सुनवाई
प्रदेश में आदतन अपराधियों को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजने के लिए सलाहकार बोर्ड का गठन किया है। सचिव गृह से किसी भी आरोपी को हिरासत में भेजने के बाद सलाहकार बोर्ड इस मामले की सुनवाई करता है। इसकी अध्यक्षता प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश करते हैं और दो वरिष्ठ अधिवक्ता इसके सदस्य होते हैं। बार-बार नशा तस्करी में पकड़े जाने के बावजूद नशे का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने के लिए ही पीआईटी एनडीपीएस एक्ट लाया गया है, जिससे युवाओं को नशे से बचाने के लिए ऐसे आदतन अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
कोट
जिले में लगातार नशा तस्करी में संलिप्त 100 लोगों की सूची तैयार की गई है। यह वह आरोपी हैं जोकि कई बार पकड़े जाने के बावजूद नशे के अवैध कारोबार से जुड़े हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ अब पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए सीधे जेल भेजा जाएगा।
-संजीव कुमार गांधी, एसएसपी शिमला
विज्ञापन
नशा तस्करी का नेटवर्क तोड़ने को पुलिस ने शुरू की मुहिम, जांच में खुलासा, जमानत पर छूटने के बाद फिर
पीआईटी एनडीपीएस के तहत की जाएगी कार्रवाई
तीन महीने तक सीधे जेल भेजने का है प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला पुलिस ने नशा तस्करी में लगातार सक्रिय 100 तस्करों की सूची तैयार की है। यह लोग पहले भी कई बार नशा तस्करी के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं लेकिन जमानत मिलने के बाद दोबारा चिट्टे समेत अन्य मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय हैं।
अब पुलिस ने ऐसे आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत सरकार से अनुमति लेने के बाद सीधे जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। इस एक्ट के तहत आदतन अपराधियों को तीन महीने तक सीधे जेल भेजने का है प्रावधान। एसएसपी शिमला ने इस संबंध में सभी एसडीपीओ और थाना प्रभारियों को निर्देश जारी कर सूची में शामिल आदतन अपराधियों की फाइल तैयार करने को कहा है। फाइल में अपराधियों का पुराना नशा तस्करी समेत अन्य आपराधिक घटनाओं से जुड़ा रिकॉर्ड और अन्य जानकारियां शामिल होती हैं। अभी तक जिला पुलिस पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन लोगों को जेल भेज चुकी है। नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पुलिस ने इस साल अभी तक 242 के करीब केस दर्ज किए हैं। इसमें 530 के करीब आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें कई अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह भी शामिल हैं। जिले में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली समेत अन्य राज्यों से चिट्टे की तस्करी हो रही है। इसे रोकने के लिए पुलिस जिले की सीमाओं पर लगातार निगरानी करके चिट्टा लेकर आने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है।
विज्ञापन
क्या है पीआईटी एनडीपीएस एक्ट
पीआईटी एनडीपीएस एक्ट 1988 उन गंभीर नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर लगाया जाता है, जो लगातार इसमें संलिप्त पाए जाते हैं। यह कार्रवाई सरकार की ओर से की जाती है। यह उन अपराधियों के खिलाफ लगाया जाता है, जिनका जेल में बंद किया जाना जरूरी है।
विज्ञापन
सलाहकार बोर्ड करता है मामले की सुनवाई
प्रदेश में आदतन अपराधियों को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजने के लिए सलाहकार बोर्ड का गठन किया है। सचिव गृह से किसी भी आरोपी को हिरासत में भेजने के बाद सलाहकार बोर्ड इस मामले की सुनवाई करता है। इसकी अध्यक्षता प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश करते हैं और दो वरिष्ठ अधिवक्ता इसके सदस्य होते हैं। बार-बार नशा तस्करी में पकड़े जाने के बावजूद नशे का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने के लिए ही पीआईटी एनडीपीएस एक्ट लाया गया है, जिससे युवाओं को नशे से बचाने के लिए ऐसे आदतन अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
कोट
जिले में लगातार नशा तस्करी में संलिप्त 100 लोगों की सूची तैयार की गई है। यह वह आरोपी हैं जोकि कई बार पकड़े जाने के बावजूद नशे के अवैध कारोबार से जुड़े हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ अब पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए सीधे जेल भेजा जाएगा।
-संजीव कुमार गांधी, एसएसपी शिमला