सड़क किनारे लगे पैरापिट समेत खाई में गिरी बच्ची, मौत
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लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क के किनारे सुरक्षा के लिए लगाया गया ड्रम एक बच्ची की मौत की वजह बन गया। वीरवार देर शाम एक लड़की अपनी थकान मिटाने के लिए सड़क किनारे लगाए गए ड्रम पर बैठ गई कि अचानक बच्ची इस ड्रम के साथ गहरी खाई में गिर गई।
इससे उसकी मौत हो गई। अब सवाल यह है कि ड्रम लगाने में किसने लापरवाही बरती थी। घटना वीरवार देर शाम हिमाचल के सिरमौर स्थित बडग़-रजाना सड़क मार्ग पर हुई। कांड़ो निवासी नौ वर्षीय दीक्षा पानी भरकर घर ले जा रही थी।
सड़क के किनारे पैरापिट के रूप में लगाए गए ड्रम पर वह थकान मिटाने के लिए बैठ गई। अचानक ड्रम सड़क से उखड़ गया और बच्ची समेत गहरी खाई में जा गिरा। समीप ही खतों में मक्की की बिजाई कर रहे एक किसान ने उसे गिरते हुए देख लिया।
अस्पताल लाते वक्त बच्ची ने रास्ते में तोड़ा दम
उसने बच्ची को गहरी खाई से बाहर निकाल कर उसके परिजनों को सूचित किया। परिजनों की सहायता से बच्ची को ददाहू अस्पताल लाया जा रहा था लेकिन बच्ची ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। 9 साल की मासूम दीक्षा की अचानक दर्दनाक मौत के चलते पूरा परिवार सदमे में है।
ददाहू अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अनुराग ने बताया कि बच्ची ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। जब वह अस्पताल में पहुंची तो उसकी जान जा चुकी थी। बच्ची के सिर में गहरी चोट थी जो उसकी मौत का कारण बनी है।
उधर, लोनिवि के सहायक अभियंता हरिचंद ने बताया कि उन्हें हादसे की कोई जानकारी नहीं है लेकिन उस मार्ग पर लगाए गए सभी ड्रमों की जांच करवा कर उन्हें सड़क किनारे पक्का किया जाएगा जिससे की पुन: इस तरह की घटना न हो।