देश का ऐसा गांव जहां आजादी के 70 साल बाद पहली बार पहुंची बिजली
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सूचना एवं संचार क्रांति के इस युग में एक गांव ऐसा भी है, जहां रात होते हुए लोग बिजली का स्विच ऑन नहीं करते, बल्कि लालटेन जलाते हैं। मामला हिमाचल के ऊना जिले का है। लेकिन, शनिवार का दिन बनखंडी के जंगल खड्ड गांव के लिए एक नया इतिहास रच गया। जब गांव में लोगों ने अपने घर में एक सदी बाद बिजली से जलने वाला बल्ब देखा।
दरअसल जिला का दूरस्थ एवं सीमा पर स्थित होने के कारण इस गांव में आज तक बिजली की लाइन नहीं पहुंच पाई थी। हालांकि यहां अधिक आबादी नहीं है, लेकिन दो प्राचीन मंदिर, करीब दो घर और दशकों पुराना पीडब्ल्यूडी का एक रेस्ट हाउस है। हैरत की बात है कि इस सरकारी रेस्ट हाउस में भी बिजली का कोई प्रावधान नहीं था।
शनिवार को जब गांव में बिजली आई तो लोग खुशी से चहक उठे। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया। लोगों ने इसके लिए हरोली के विधायक एवं उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार जताया। गौर हो कि ऊना-होशियारपुर मार्ग पर स्थित इस क्षेत्र में लोगों की जमीनें लगती हैं। लेकिन, बिजली न होने से लोग यहां किसी तरह का व्यावसायिक कार्य नहीं कर पा रहे थे। रोड पर दो-तीन ढाबे स्थित हैं, जहां आज तक लालटेन ही जलती रही है।
पंडोगा पंचायत के प्रधान मुनीश कंग, बीडीसी सदस्य पंडोगा रामपाल, खड्ड की प्रधान पूनम दत्ता, पूर्व प्रधान राकेश दत्ता, ईसपुर की प्रधान सुदेश कुमारी, पूर्व बीडीसी सदस्य ईसपुर शरवण कुमार बबलू, समाजसेवी रमन पाठक, हिम ट्रक ऑपरेटर यूनियन ईसपुर के
प्रधान अमित ठाकुर, सचिव विवेक ठाकुर, पंकज दत्ता, सुमित दत्ता, मोहित अग्निहोत्री, विशाल अग्निहोत्री, बृजेश दत्ता, प्रवीण अग्निहोत्री ने बताया कि उद्योग मंत्री ने कुछ समय पहले यहां बिजली पहुंचाने का वादा किया था। जिसे उन्होंने पूरा किया है।
रिकार्ड समय में पहुंचाई बिजली
एक्सईएन केएस राणा ने बताया कि इस लाइन पर करीब 40 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इससे लोगों को बिजली की सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर शनिवार को विभाग की ओर से विद्युत बोर्ड के एक्सईएन केएस राणा, एसडीओ रूप लाल सैणी और जेई एमसी काजला आदि मौजूद रहे।
विद्युत बोर्ड की एसई भारती संबयाल का कहना है कि लोगों की मांग पर रिकार्ड समय में एक माह के भीतर इस गांव में बिजली की लाइन पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि बिजली पहुंचने से न केवल वहां रह रहे लोग, बल्कि वो लोग भी लाभान्वित होंगे, जिनकी जमीनें इस क्षेत्र में हैं।
बनखंडी के विद्युत लाइन से जुड़ने के बाद पंडोगा में स्थित टोल टैक्स बैरियर के सीमा पर शिफ्ट होने की संभावना भी बढ़ गई है। गौर हो कि पंडोगा में हिमाचल सीमा के लगभग छह किलोमीटर अंदर टोल टैक्स बैरियर स्थापित किया गया है। इसके कारण लोगों को अपने ही खेत-खलिहान से लौटते वक्त टैक्स चुकाना पड़ रहा है।
दलील दी जाती रही है कि बनखंडी में बिजली न होने के कारण इसे यहां स्थापित करना पड़ा है। लेकिन, अब इस क्षेत्र के विद्युत लाइन से जुड़ जाने के कारण अब लोगों को बैरियर से राहत मिल सकती है। पंडोगा के प्रधान मनीश कंग और ईसपुर की प्रधान सुदेश कुमारी ने सरकार से मांग की है कि इसे जल्द से जल्द शिफ्ट कर लोगों को राहत दिलाई जाए।