कृषि विकास के लिए 687 करोड़ का प्रावधानः रामलाल मारकंडा
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कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि कृषि से संबंधित तकनीकों को अपनाते हुए इस पर अनुसंधान करना चाहिए। उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि कृषि प्रसार सेवाओं को व्यवहारिक रूप से धरातल पर उतारने की जरूरत है।
इसमें प्रदेश सरकार उन्हें हर संभव सहायता एवं सहयोग देगी। ये बात उन्होंने कृषि विवि पालमपुर में किसानों की आय दुगनी करने पर चली दो दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ मौके पर कही।
मारकंडा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कृषि विकास के लिए 687 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है ताकि कृषि गतिविधियों के साथ किसानों की आय में वृद्धि हो सके। कृषि, बागवानी और पशुपालन किसानों की आय में बढ़ोतरी के मुख्य स्रोत है।
78 करोड़ रुपये की परियोजनाएं केंद्र को भेजी
सरकार ने इन विभागों के बजट में वृद्धि करके इनके सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि 178 करोड़ रुपये की कृषि परियोजनाएं केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए प्रेषित की गई हैं।
इनकी स्वीकृति शीघ्र ही प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने खेतों में अत्यधिक कीटनाशकों के प्रयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए वैज्ञानिकों से जैविक खेती को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
कृषि आधारित मॉडल पर काम कर किसानों की आय होगी दोगुनी
साल-2022 तक देश के किसानों की आय दुगनी करने के लिए कृषि विवि में मंथन शुरू हो गया है। दो दिन तक देश भर के वैज्ञानिक कृषि तकनीकों पर चर्चा करने में जुट गए हैं। सम्मेलन में शून्य लागत प्राकृतिक खेती पर भी बल दिया।
इस तकनीक से खेती में खर्च घटेगा और आय बढ़ेगी। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा ने कृषि और बागवानी के वैज्ञानिकों से अनुसंधान में तीव्रता और योजनाओं को किसानों तक ले जाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कृषि को बढ़ावा देने के लिए कृषि उपकरणों को खरीदने की प्रक्रिया को सरल करके टपक सिंचाई और सोलर फेंसिंग के लिए बजट मुहैया किया गया है।
कृषि विवि पालमपुर के कुलपति प्रो अशोक सरियाल ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने को विवि में कृषि आधारित मॉडल तैयार किए हैं। इन मॉडलों पर काम कर किसानों की आय दोगुनी करने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना साकार किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने विवि के कृषि वैज्ञानिकों को इस पर तेजी से काम करने के आदेश दिए हैं।