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हिमाचल: विदेशी परिंदों ने बढ़ाई रौनक, पौंग डैम झील में पहुंचे 88 प्रजातियों के 68 हजार विदेशी मेहमान

Sun, 19 Dec 2021 06:45 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, संतोषगढ़(ऊना)/हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, संतोषगढ़(ऊना)/हमीरपुर Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 19 Dec 2021 06:45 PM IST
सार

गोबिंदसागर झील, पंडोह डैम, सतलुज नंगल डैम झील सहित दूसरी झीलों में भी हजारों विदेशी परिंदों ने दस्तक दे दी है। प्रदेश की वेटलैंड पौंग झील में पंद्रह दिसंबर तक 88 प्रजातियों के लगभग 68 हजार विदेशी परिंदे पहुंच चुके हैं।

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68 thousand migratory birds reached in pong dam himachal pradesh
विदेशी परिंदों से गुलजार हुआ पौंग डैम क्षेत्र। - फोटो : संवाद

विस्तार

साइबेरिया और ट्रांस हिमालयी क्षेत्रों चीन, मध्य एशियाई, तिब्बत के साथ-साथ दूसरे कई देशों में जब अत्यधिक ठंड के कारण झीलों व तालाबों का पानी जम जाता है, तो कई विदेशी मेहमान परिंदे हजारों किलोमीटर की यात्रा कर हिमाचल प्रदेश पहुंचते हैं। फरवरी-मार्च में जब यहां गर्मी शुरू होती है, तो ये पक्षी दोबारा अपने क्षेत्रों को लौट जाते हैं। सरहदों की बंदिशों से अनजान विदेशी परिंदे प्रदेश की झीलों और जलाशयों के मुहानों पर पहुंचकर चहचहाने लगे हैं। 

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सूबे की पौंग झील में भी हजारों विदेशी परिंदे पहुंच चुके हैं। प्रदेश की गोबिंदसागर झील, पंडोह डैम, सतलुज नंगल डैम झील सहित दूसरी झीलों में भी हजारों विदेशी परिंदों ने दस्तक दे दी है। प्रदेश की वेटलैंड पौंग झील में पंद्रह दिसंबर तक 88 प्रजातियों के लगभग 68 हजार विदेशी परिंदे पहुंच चुके हैं। 15 दिसंबर को संपन्न हुई वन्य प्राणी एवं संरक्षण विभाग की पाक्षिक गणना में पौंग झील में 88 प्रजातियों के 68 हजार 188 प्रवासी पक्षी पहुंचे हैं। हर माह दो बार होने वाली पाक्षिक गणना के लिए वन्यप्राणी विंग ने 15 टीमों का गठन किया हुआ है। 
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वन्यप्राणी विंग की टीम ने दो दिन पहले ही पौंग झील में प्रवासी पक्षियों की पाक्षिक गणना की है। इसमें इस साल पहुंची प्रजातियों में बार-हेडेड गीज 27139, कामन कूट 12867, नार्दर्न पिंटेल 5291, कामन टिल 4445, कामन पोचार्ड 4229, लिटल कर्मोनेंट 3339, रूडी शेल डकआ 1654, गड वाल 1118, स्पाट बिल्ड डक 948, रशियन विजन 594, वार्न स्वेल्लो 425, नॉर्दन शावलर 423, कॉमन मूर हेन 420, ब्लैक हेडेड गुल्ल 387, ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट 371, पर्पल मूर 370, रिवर टर्न 341, रिवर लैप विंग 269, ग्रेट कर्मोनेंट 268 व लिटल ग्रेब 253 प्रवासी पक्षी पौंग झील में पहुंचे हैं।
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इनके अलावा भी कई दूसरी प्रजातियों के सैकड़ों पक्षी भी पौंग झील में पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि 2019-2020 में लगभग 96 प्रजातियों के 108578 पक्षी पौंग में पहुंचे थे। वर्ष 2018-2019 में प्रवासी पक्षियों की संख्या 1,15,229 लाख रही थी। वर्ष 2017-18 में 62 प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों की संख्या 1,10,203 लाख रही थी।


विदेशी मेहमानों की की जा रही पूरी सुरक्षा : राहुल
वन्य प्राणी एवं संरक्षण विभाग के डीएफओ राहुल राहणे ने कहा कि विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। प्रवासी पक्षियों का अवैध रूप से शिकार नहीं होने दिया जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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