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छोटी उम्र में ब्याही जा रहीं इस जिले की बेटियां, 6 माह में 35 मामले

Wed, 01 Aug 2018 01:37 PM IST
हितेश शर्मा, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
हितेश शर्मा, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर) Updated Wed, 01 Aug 2018 01:37 PM IST
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35 child marriages case in six months of sirmour himachal pradesh

हिमाचल प्रदेश के जनपद सिरमौर के दुर्गम क्षेत्रों की बेटियां कच्ची उम्र में ही शादी के बंधन में फंस रहीं हैं। चाइल्ड लाइन सिरमौर के पास छह माह के भीतर इस तरह के 35 मामले रिपोर्ट हो चुके हैं। ऐसे में नाबालिग लड़की के ब्याह के ऐसे कई अन्य मामले हो सकते हैं जिनकी जानकारी अधिकृत एजेंसियों तक नहीं पहुंच पाई है।

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चाइल्ड लाइन के सूत्रों की मानें तो स्थानीय क्षेत्रों में लड़की का ब्याह रचाने के साथ-साथ पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी कई नाबालिग लड़कियों की शादियां होने की सूचना है। ऐसे मामलों में शादी को कहीं पर रजिस्टर भी नहीं कराया जा रहा। दर्जन भर मामलों में तो शादी के बाद बनाए गए शारीरिक संबंधों से नाबालिग लड़कियां गर्भवती हो चुकी हैं।
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इन मामलों की जानकारी मिलने पर सिरमौर पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामले दर्ज किए हैं। चाइल्ड लाइन सिरमौर ने कई मामलों में दबिश देकर नाबालिग लड़कियों को उनके परिजनों को सौंपा है। कच्ची उम्र में सिर्फ लड़कियां ही नहीं ब्याही जा रहीं बल्कि कुछ एक मामलों में तो विवाहित लड़कों को भी नाबालिग पाया गया है।

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ये है बड़ी वजह

35 child marriages case in six months of sirmour himachal pradesh

जिला सिरमौर के शिलाई, संगड़ाह, रेणुका व राजगढ़ ब्लाक के दुर्गम क्षेत्रों में जागरूकता की भारी कमी है। गरीब परिवारों से संबंधित लोगों को यह भी पता नहीं है कि शादी के लिए लड़के और लड़की की कितनी उम्र होनी आवश्यक है।

पिछले छह माह के भीतर शिलाई तहसील से सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। पिछले पांच साल में बाल विवाह के कुल 79 मामले हो चुके हैं। 

ड्राप आउट व गरीबी भी मुख्य कारण
दुर्गम क्षेत्रों में अशिक्षा व जल्द स्कूल छोड़ने के बाद परिजन लड़कियों की शादी रचा रहे हैं। ड्राप आउट भी इसका मुख्य कारण है। लड़कियों के मामले में आज भी कुछ परिजनों की सोच यही है कि उनकी शादी करवाकर भारमुक्त हो जाएं। इसके अलावा गरीबी भी इसकी बड़ी वजह है।

क्या कहते हैं उपायुक्त सिरमौर
उधर, डीसी सिरमौर ललित जैन ने कहा कि ऐसे मामलों में समय-समय पर महिला एवं बाल कल्याण विभाग व चाइल्ड लाइन लोगों को जागरूक कर रहे हैं। साथ ही जिले के दूरदराज क्षेत्रों में और अधिक जागरूकता लाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

वहीं, चाइल्ड लाइन सिरमौर की काउंसलर विनीता ठाकुर ने बताया कि लोगों में जागरूकता लाई जा रही है। चाइल्ड लाइन कई मामलों को ट्रेस आउट कर चुकी है। ऐसे मामलों में मौके पर ही लड़का व लड़की के परिजनों की काउंसलिंग करवाकर जागरूक किया जा रहा है।

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