फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   3425 snake bite cases in six years

सर्पदंश को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, छह साल में इतने लोगों को काटा

Sun, 07 Aug 2016 09:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू Updated Sun, 07 Aug 2016 09:57 AM IST
विज्ञापन
3425 snake bite cases in six years

भारत में हर साल करीब 2.5 लाख सर्पदंश के मामले सामने आते हैं। इनमें लगभग 50000 पीड़ितों की मृत्यु हो जाती है। अभी तक जिला कुल्लू में सर्पदंश के दो मामले सामने आए हैं। सबसे अधिक जिला कांगड़ा में 760 मामले आए हैं। नेशनल 108 एंबुलेंस के हिमाचल प्रभारी मेहुल सुकुमारन ने कहा कि अकसर सर्पदंश के मामले जुलाई से लेकर नवंबर माह में होते हैं।

विज्ञापन


ऐसे मामलों से निपटने को 108 एंबुलेंस में सर्प विषरोधी दवाएं उपलब्ध हैं। यह मामला सामने आने पर पीड़ित को तत्काल दी जाती हैं। कहा कि सर्पदंश आमतौर पर दांतों का निशान, हल्की दर्द और उसके चारों तरफ त्वचा के लाल होने से पहचाना जा सकता है। यदि सर्पदंश वाली जगह के आसपास की त्वचा में अत्यधिक लचीलापन एवं सूजन है, तो यह सर्पदंश के लक्षण हो सकते हैं।

विज्ञापन

लाहौल-स्पीति में दो और कांगड़ा जिला में 760 लोगों को सांप ने डसा

3425 snake bite cases in six years

बेहोशी, सांस लेने में तकलीफ, खून के धब्बे उभरना, पसीना आना इत्यादि भी सर्पदंश के सामान्य लक्षण हो सकते हैं। ऐसे मामले आने पर 108 आपातकालीन सेवा का लाभ उठाएं। मुश्ताक अहमद ने कहा कि 25 दिसंबर, 2010 से 31 जुलाई, 2016 तक प्रदेश में कुल 3425 मामले आए हैं।

इसमें बिलासपुर जिले में में 268, चंबा में 335, हमीरपुर में 377, कांगड़ा में 760, किन्नौर में 25, कुल्लू में 116, लाहौल-स्पीति में दो, मंडी में 395, शिमला में 350, सिरमौर में 220 , सोलन में 387 तथा जिला ऊना में 190 सर्पदंश के मामले सामने आए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed