{"_id":"628fbcdecee0bb5dc952de4e","slug":"30-villagers-carried-the-dead-body-of-the-dead-body-of-the-mother-to-home-for-five-hours-on-the-cot","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu: 30 ग्रामीणों ने पांच घंटे चारपाई पर उठाकर प्रसूता के शव को पहुंचाया घर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu: 30 ग्रामीणों ने पांच घंटे चारपाई पर उठाकर प्रसूता के शव को पहुंचाया घर
Fri, 27 May 2022 10:44 AM IST
Krishan Singh
महेंद्र पालसरा, संवाद न्यूज एजेंसी, न्यूली (कुल्लू)
महेंद्र पालसरा, संवाद न्यूज एजेंसी, न्यूली (कुल्लू)
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 27 May 2022 10:44 AM IST
सार
कुल्लू जिले की सैंज घाटी में प्रसूता सुनीता के शव को 30 ग्रामीणों ने चारपाई पर पांच घंटे पैदल उठाकर शाक्टी गांव पहुंचाया। शाक्टी गांव के लिए सड़क सुविधा का अभाव होने से ग्रामीण घने जंगल के पथरीले और खड्ड के रास्ते से महिला के शव को ले गए।
विज्ञापन
चारपाई पर उठा प्रसूता के शव को पहुंचाया घर
- फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के दुर्गम गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के प्रदेश सरकार के दावे हवा हैं। विधायक समेत सरकार गांव-गांव तक सड़कों पहुंचाने में नाकाम रही। कुल्लू जिले की सैंज घाटी में प्रसूता सुनीता के शव को 30 ग्रामीणों ने चारपाई पर पांच घंटे पैदल उठाकर शाक्टी गांव पहुंचाया। शाक्टी गांव के लिए सड़क सुविधा का अभाव होने से ग्रामीण घने जंगल के पथरीले और खड्ड के रास्ते से महिला के शव को ले गए। यह गांव मुख्य सड़क निहारनी से 25 किलोमीटर दूर है, जबकि आजादी के बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ा है।
विज्ञापन
दरअसल प्रसूता सुनीता ने मंगलवार को बंजार के बठाहड़ स्थित अपने मायके गलयाड़ा में नवजात को जन्म दिया। इसके बाद पति महेश सिंह समेत परिजनों ने सुनीता को निजी वाहन के माध्यम से सिविल अस्पताल बंजार पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्रसूता को मृत घोषित किया। नवजात को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू और फिर नेरचौक के लिए रेफर किया, लेकिन प्रसूता की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने प्रसूता के शव को वाहन के माध्यम से सैंज के निहारनी पहुंचाया। सड़क सुविधा न होने के कारण उसे चारपाई पर उठाकर शाक्टी गांव पहुंचाया।
विज्ञापन
मुख्य सड़क से 25 किलोमीटर दूर था घर
शाक्टी गांव के ग्रामीण हिरा चंद, मोती राम, बेली राम, डोले राम, जीत राम, प्रेम सिंह, गोविंद राम समेत अन्य ने बताया कि मुख्य सड़क से गांव 25 किलोमीटर है। गांव को सड़क से जोड़ने के सरकार के दावे खोखले हैं। मरीजों को पालकी और चारपाई में उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया है, जबकि रोजमर्रा का सामान लोग पीठ पर ढोकर घर पहुंचा रहे।
विज्ञापन
निहारनी से शाक्टी का किया सर्वे: चमन
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि शाक्टी गांव के लिए सड़क सुविधा न होने का मामला ध्यान में है। मुख्य सड़क निहारनी से शाक्टी तक सर्वे किया है। जल्द गांव सड़क सुविधा से जुड़ेगा।
सिविल अस्पताल बंजार के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि प्रसूता सुनीता की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी। उन्होंने बताया गुशैणी और सैंज अस्पताल से महिला का डाटा एकत्रित किया जा रहा है।