गोसदनों में 30 गायों की मौत, पांच दिन से पड़ी हैं मृत गायें, फर्श पर 6 इंच गोबर
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हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के नूरपुर और चंबा के चुवाड़ी में चल रहे दो गोसदनों में 30 गायों की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी गोसदन खज्जियां में पिछले पांच दिन में 15 जबकि चुवाड़ी में निजी गोसदन में दो माह में 15 गायों की मौत हो गई है।
सूत्र गायों की मौत का कारण कुपोषण और चारे की कमी बता रहे हैं। खज्जियां में एक शेड में 400 ज्यादा गायें रखे जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, यह गोसदन 25 कनाल भूमि में है। 5 दिन में 15 गायों की मौत के बाद पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया है।
उधर, चुवाड़ी में बीते दिनों मरीं दो गायों का जिला प्रशासन ने पोस्टमार्टम कराया तो उनके पेट में सूखा घास मिला। बड़ा सवाल यह है कि अगर गोसदन में पशुओं को खिलाने के लिए हरा घास ही नहीं है तो अन्य बंधी गायों का क्या होगा।
उपमंडल अधिकारी भटियात बचन सिंह ने बताया कि गायों की मौत का मामला उनके ध्यान में हैं। गायों के शव का पोस्टमार्टम करवाया तो पाया कि उनके पेट से सूखा चारा निकला है।
वहीं, स्थानीय विधायक विक्रम जरयाल ने कहा कि गायों की मौत का जिम्मेवार कौन है, इसकी जांच कराई जाएगी। शनिदेव गोसदन सेवा समिति को बेहतरीन संचालन की तरफ ध्यान देना चाहिए, न कि निर्माण कार्यों की तरफ।
पांच दिन से पड़ी हैं मृत गायें
नूरपुर स्थित वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दिनेश परमार ने कहा कि गो सदन में हर पशु के लिए 5 किलो तूड़ी प्रतिदिन देना निर्धारित किया गया है। पशुपालन विभाग धर्मशाला के डिप्टी डायरेक्टर अजमेर डोगरा और असिस्टेंट डायरेक्टर अजय सिंह ने नूरपुर के एसडीएम आबिद हुसैन से इस मामले को लेकर मुलाकात की। कारणों की जांच की जा रही है। गो सदनों में सफाई व्यवस्था को लेकर डोगरा ने बताया कि इसको जल्द दुरुस्त किया जाएगा।
खज्जियां गोसदन में अमर उजाला की टीम ने जायजा लिया तो पाया कि गो सदन के फर्श पर 6 इंच तक गोबर चढ़ा हुआ था। नालियां गोबर से लबालब थीं। मृत गायें 5 दिनों से गोसदन में पड़ी हैं। चारों ओर बदबू का आलम है। जानवरों में संक्रमण फैलने का अंदेशा बढ़ सकता है।
शनिदेव गोसदन सेवा समिति चुवाड़ी के सचिव श्याम सिंह धीमान ने कहा कि कमेटी गायों को पालने में असमर्थ है। इस बारे में वे प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं। अगर शुक्रवार तक कोई व्यवस्था न की तो वे गायों को खुला छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे।