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शिमला: 29,385 बागवानों को नहीं मिली सब्सिडी, 14,542 लाख रुपये के उपदान लंबित
Fri, 24 Mar 2023 07:58 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 24 Mar 2023 07:58 PM IST
सार
ठियोग के कांग्रेस विधायक कुलदीप राठौर बोले कि उनके सवाल का जवाब तोड़-मरोड़कर दिया जा रहा है। विधायक राठौर की तल्खी पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने स्वीकारा कि अभी सबको उपदान नहीं दिया जा सका है।
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बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बागवानों को समय पर सब्सिडी न देने के मामले में सदन में कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर तल्ख हुए। ठियोग के कांग्रेस विधायक कुलदीप राठौर बोले कि उनके सवाल का जवाब तोड़-मरोड़कर दिया जा रहा है। विधायक राठौर की तल्खी पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने स्वीकारा कि अभी सबको उपदान नहीं दिया जा सका है। शुक्रवार को प्रश्नकाल में राठौर ने सवाल किया कि बागवानी विभाग की ओर से चलाई जा रही योजनाओं में कितने बागवानों को उपदान दिया जा रहा है। इसके तहत मिलने वाली धनराशि गत तीन साल में 31 जनवरी 2023 तक कितने बागवानों को जारी की गई है।
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ऐसे कितने बागवान हैं, जिन्हें अभी तक उपदान नहीं मिला है और यह धनराशि कब तक दी जाएगी। इस पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि उद्यान विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत गत तीन वर्षों में वर्तमान समय तक 70,008 बागवानों को उपदान दिया जा रहा है। इस अवधि में 40,623 बागवानों को कुल 17,670.47 लाख रुपये की अनुदान राशि जारी की गई है। इसके अलावा 29,385 बागवानों के मामले 14,542 लाख रुपये के उपदान के लिए लंबित हैं। विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लंबित उपदान की धनराशि बजट उपलब्धता अनुसार वरिष्ठता सूची के आधार पर बागवानों को प्रदान की जाएगी। राठौर ने कहा कि यह जवाब पूरा नहीं है।
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सेब जीर्णोद्धार योजना में भी 166.29 लाख रुपये की धनराशि अभी देने को
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कुलदीप सिंह राठौर के एक सवाल का लिखित जवाब दिया कि पुराने हो चुके पेड़ों को बदलने के लिए सरकार की ओर से वर्ष 2010 में सेब जीर्णोद्धार योजना को शुरू किया गया था। इस योजना को केंद्रीय प्रायोजित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की ओर से वित्तपोषित किया गया था। यह योजना राज्य के छह प्रमुख सेब उत्पादक जिलों शिमला, किन्नौर, कुल्लू, सिरमौर, मंडी और चंबा में कार्यान्वित की जा रही हैं। इस योजना के अंतर्गत अभी तक 2082.63 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जा चुकी है। 166.29 लाख रुपये की धनराशि अभी देने को है। कुल लाभार्थी 20,681 है। इनमें सबसे ज्यादा 10,096 लाभार्थी शिमला से हैं। इनके लिए शेष धनराशि 141.91 लाख रुपये बची हुई है।
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