फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   280 gods and goddesses arrived in Kullu Dussehra after three hundred years

तीन सौ साल बाद कुल्लू दशहरे में पहुंचे 280 देवी-देवता, पढ़ें पूरा मामला

Thu, 10 Oct 2019 10:27 AM IST
Krishan Singh रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू
रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू Published by: Krishan Singh Updated Thu, 10 Oct 2019 10:27 AM IST
विज्ञापन
280 gods and goddesses arrived in Kullu Dussehra after three hundred years
- फोटो : अमर उजाला

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव में इस बार तीन सौ साल के बाद 280 देवी-देवताओं ने शिरकत की है। इससे पहले 17वीं शताब्दी में इस महोत्सव में 365 देवी-देवताओं के आने का दावा किया जाता रहा है।

विज्ञापन


कुल्लू के ढालपुर मैदान में कि पिछले 359 साल से इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन इस बार दशहरे में करीब 300 साल बाद रिकॉर्ड 280 देवी-देवता भगवान रघुनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे हैं। 
विज्ञापन


 दशहरा उत्सव समिति ने भी रिकॉर्ड 331 देवी-देवताओं को इस महोत्सव में आने के लिए निमंत्रण दिया था। यही नहीं, इस बार आठ देवता बिना निमंत्रण के पहली बार उत्सव की शोभा बढ़ा रहे हैं। अयोध्या से भगवान रघुनाथ की धातु की प्रतिमा लाने के बाद कुल्लू में दशहरा मनाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दशहरे के करीब एक दशक के भीतर जिले भर से 365 देवी-देवता ढालपुर पहुंचे। बाद में इनकी संख्या में कमी आने लगी है और यह संख्या घटकर करीब 150 तक पहुंच गई। साठ के दशक के बाद दशहरे के लिए देवी-देवताओं को जिला प्रशासन की तरफ से निमंत्रण देना शुरू किया।

ढालपुर में वर्ष 1660 से हो रहा दशहरे का आयोजन

280 gods and goddesses arrived in Kullu Dussehra after three hundred years

 वर्ष 2000 के बाद यह आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया। दशहरा उत्सव समिति के राजस्व रिकॉर्ड में पंजीकृत 290 देवी-देवताओं में 130 गैर माफीदार, माफीदार 142 और आठ देवरथ बिना बुलाए पहुंचे हैं।

सेवानिवृत्त जिला भाषा अधिकारी डॉ. सीता राम ठाकुर ने कहा कि 17वीं शताब्दी के दौरान दशहरा में 365 देवी-देवताओं ने भाग लिया था, लेकिन पिछले 300 सालों में पहली बार दशहरा में 280 देवरथ दशहरा की शान बढ़ाने पहुंचे हैं।

भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने बताया कि ढालपुर मैदान में वर्ष 1660 से कुल्लू दशहरे का आयोजन किया जा रहा है। इससे पहले मणिकर्ण और नग्गर में भी दशहरे का आयोजन किया जाता रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed