मेयर-डिप्टी मेयर और आयुक्त के लिए मांगा टाउनहाल
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मालरोड स्थित ऐतिहासिक टाउनहाल भवन में मेयर-डिप्टी मेयर और आयुक्त के दफ्तर ही शिफ्ट करने की सरकार ने वकालत की है। अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को टाउनहाल में जगह नहीं मिलेगी। सरकार की ओर से मुख्य सचिव ने कोर्ट में इस मामले को लेकर शपथ पत्र दायर कर दिया है। मुख्य सचिव की ओर से दायर शपथ पत्र में सिर्फ तीन कार्यालयों को ही टाउनहाल में शिफ्ट करने की सिफारिश की है। इसके अलावा बैठकों के लिए मीटिंग रूम भी नगर निगम को देने की मांग की है। इस पर अंतिम फैसला प्रदेश हाईकोर्ट ही लेगा। मामले पर अक्तूबर के पहले हफ्ते में सुनवाई होनी है। ऐसे में सबकी नजरें अब अदालत के फैसले पर टिकी हैं। करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से टाउनहाल का जीर्णोद्घार कार्य किया है। इसका काम लगभग पूरा किया जा चुका है। इस ऐतिहासिक भवन में 1908 से लेकर अब तक नगर निगम कार्यालय चलता रहा है। जीर्णोद्घार कार्य के लिए इसे 2014 में खाली करवाया था।
बाकी बचे हिस्से में सुविधाएं देने की मांग
टाउनहाल के बाकी हिस्से को सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया है। साथ ही कैफेटेरिया या पैरा मेडिक सेंटर स्थापित करने जैसे सुझाव दिए हैं। गौरतलब है कि कई लोग टाउनहाल को एमसी प्रशासन को न देकर इसे पर्यटन, संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल करने की मांग कर रहे थे। ऐसे में सरकार ने न सिर्फ एमसी के अहम पदाधिकारियों को टाउनहाल में जगह देने की मांग रखी है बल्कि इन बाकी लोगों की मांग का भी ध्यान रखा है।
डीसी ऑफिस में ही रहेंगे बाकी अधिकारी-कर्मचारी
टाउनहाल में सभी अधिकारियों को जगह नहीं मिल पाएगी। ऐसे में अतिरिक्त आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अधिशासी अभियंता समेत सभी विभागाध्यक्ष और कर्मचारी उपायुक्त कार्यालय परिसर में ही रहेंगे। यहां बाद में जगह के अनुसार इनके दफ्तर बदले जा सकते हैं। जल शाखा, सड़क और भवन निर्माण, लेखा शाखा समेत सभी शाखाएं यहीं से संचालित होंगी। वहीं, टाउनहाल में बैठक के लिए हॉल मिलने से नगर निगम को अब बचत भवन में बैठकें नहीं करनी पड़ेंगी। हालांकि, दो जगह दफ्तर चलने से आम जनता और निगम कर्मचारियों को अपने काम के लिए भागदौड़ करनी पड़ सकती है।
क्या कहती है मेयर
टाउनहाल नगर निगम का रहा है और निगम को ही मिलना चाहिए। इस बारे में पार्षदों के साथ सीएम से भी मिल चुके हैं। सीएम ने हमें भरोसा दिया है कि टाउनहाल नगर निगम को ही दिया जाएगा।
कुसुम सदरेट, महापौर नगर निगम शिमला