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नगर निगम की 13वीं मेयर बनी कुसुम सदरेट
Updated Tue, 20 Jun 2017 10:51 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अनाडेल वार्ड से जीती कुसुम सदरेट नगर निगम शिमला की 13वीं मेयर बन गई हैं। इनसे पहले नगर निगम में 11 मेयर कांग्रेस और एक मेयर माकपा से रह चुके हैं। आदर्श कुमार सूद तीन बार, जैनी प्रेम दो बार, मनोज कुमार दो बार, सोहन लाल दो बार नगर निगम शिमला के मेयर के पद पर रह चुके हैं। आदर्श कुमार 1986 से 1988, 1988 से 1992 और 1992 से 1996 तक मेयर रहे। जैनी प्रेम 19 सितंबर 1996 से 17 अक्तूबर 1996 तक कार्यकारी मेयर रहे।
मनोज कुमार 1996 से 1997 और 1997 से 1999 तक मेयर पद पर रहे। जैनी प्रेमी 1999 से 2002 तक मेयर रहीं। सोहन लाल 2002 से 2004 और 2004 से 2007 तक मेयर रहे। नरेंद्र कटारिया ने 2007 से 2009 तक मेयर पद संभाला। मधु सूद 2009 से 2012 तक मेयर रहीं। 2012 में पहली बार मेयर का चुनाव प्रत्यक्ष तौर पर हुआ। इसमें माकपा के संजय चौहान ने बाजी मारी। वह 2012 से 2017 तक मेयर रहे। वहीं पंथाघाटी वार्ड से जीते राकेश कुमार शर्मा नगर निगम के 12वें डिप्टी मेयर बने हैं। इससे पूर्व एनएस ठाकुर 1986 से 1988, शिव डोगरा 1988 से 1992, कमल वालिया 1992 से 1993 तक डिप्टी मेयर रहे। वहीं जैनी प्रेम 1993 से 1997 तक, डीएस वर्मा 1997 से 1999, शशि शेखर चीनू 1999 से 2002, एनके मेहता 2002 से 2004, शशि शेखर चीनू 2004 से 2007, हरीश जनारथा 2007 से 2009 और 2009 से 2012 तक डिप्टी मेयर रहे। 2012 में प्रत्यक्ष तौर पर चुनाव हुए और माकपा के टिकेंद्र पंवर डिप्टी मेयर बने। वह 2012 से 2017 तक डिप्टी मेयर पद पर रहे।
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शिमला। अनाडेल वार्ड से जीती कुसुम सदरेट नगर निगम शिमला की 13वीं मेयर बन गई हैं। इनसे पहले नगर निगम में 11 मेयर कांग्रेस और एक मेयर माकपा से रह चुके हैं। आदर्श कुमार सूद तीन बार, जैनी प्रेम दो बार, मनोज कुमार दो बार, सोहन लाल दो बार नगर निगम शिमला के मेयर के पद पर रह चुके हैं। आदर्श कुमार 1986 से 1988, 1988 से 1992 और 1992 से 1996 तक मेयर रहे। जैनी प्रेम 19 सितंबर 1996 से 17 अक्तूबर 1996 तक कार्यकारी मेयर रहे।
मनोज कुमार 1996 से 1997 और 1997 से 1999 तक मेयर पद पर रहे। जैनी प्रेमी 1999 से 2002 तक मेयर रहीं। सोहन लाल 2002 से 2004 और 2004 से 2007 तक मेयर रहे। नरेंद्र कटारिया ने 2007 से 2009 तक मेयर पद संभाला। मधु सूद 2009 से 2012 तक मेयर रहीं। 2012 में पहली बार मेयर का चुनाव प्रत्यक्ष तौर पर हुआ। इसमें माकपा के संजय चौहान ने बाजी मारी। वह 2012 से 2017 तक मेयर रहे। वहीं पंथाघाटी वार्ड से जीते राकेश कुमार शर्मा नगर निगम के 12वें डिप्टी मेयर बने हैं। इससे पूर्व एनएस ठाकुर 1986 से 1988, शिव डोगरा 1988 से 1992, कमल वालिया 1992 से 1993 तक डिप्टी मेयर रहे। वहीं जैनी प्रेम 1993 से 1997 तक, डीएस वर्मा 1997 से 1999, शशि शेखर चीनू 1999 से 2002, एनके मेहता 2002 से 2004, शशि शेखर चीनू 2004 से 2007, हरीश जनारथा 2007 से 2009 और 2009 से 2012 तक डिप्टी मेयर रहे। 2012 में प्रत्यक्ष तौर पर चुनाव हुए और माकपा के टिकेंद्र पंवर डिप्टी मेयर बने। वह 2012 से 2017 तक डिप्टी मेयर पद पर रहे।
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