फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   162 Gorkha jawans became an integral part of the Indian Army in solan

तिरंगे की कसम खाकर भारतीय सेना का हिस्सा बने 162 गोरखा जवान

Sat, 25 May 2019 07:00 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुबाथू (सोलन)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुबाथू (सोलन) Published by: Krishan Singh Updated Sat, 25 May 2019 07:00 PM IST
विज्ञापन
162 Gorkha jawans became an integral part of the Indian Army in solan
गोरखा प्रशिक्षण केंद्र में कसम परेड - फोटो : अमर उजाला

42 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद शनिवार को 162 गोरखा जवान भारतीय सेना का अभिन्न अंग बन गए। 14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र में कसम परेड करवाई गई।

विज्ञापन


ऐतिहासिक सलारिया स्टेडियम में उस वक्त खामोशी छा गई, जब राष्ट्रीय ध्वज और लाल रंग के कपड़े में लिपटी गीता को लेकर निशान रक्षक टोली ने दाहिने द्वार से स्टेडियम में प्रवेश किया।
विज्ञापन


स्टेडियम में मौजूद सभी लोगों ने आदर से खड़े होकर तिरंगे और गीता को नमन किया। उन्हें साक्षी मानकर 162 जवानों ने देश और संविधान की सेवा करने की शपथ ली। प्रशिक्षण केंद्र के धर्मगुरु पंडित रामबनी पाठक ने जवानों को शपथ दिलाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों जैसे रण कौशल, शिक्षा, फायरिंग बाह्य और आंतरिक विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को पुरस्कृत किया गया। अनिल तमंग को सर्वश्रेष्ठ रेक्रूट का खिताब दिया गया। उन्हें चांदी की खुखरी भी भेंट की गई। 

ड्रिल में बेस्ट खिताब सागर सेन को मिला

162 Gorkha jawans became an integral part of the Indian Army in solan

ड्रिल में बेस्ट खिताब सागर सेन को मिला। पीईटी में पदम बहादुर सम्मानित किए गए। बेस्ट फाइटर में रोहन परधान को सम्मानित किया गया। बेस्ट इंडोरम में सुमन राम को सम्मानित किया गया। बेस्ट राइफल फायर में सूरज थापा नवाजे गए।

14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र के बैंड की मधुर धुनों और खुखरी नृत्य का भी लोगों ने आनंद उठाया। कार्यक्रम में नेपाल से गोरखा जवानों के परिजन भी शामिल हुए। कमांडेंट ब्रिगेडियर एचएस संधू सेना मेडल ने जवानों से आह्वान किया कि वह किसी भी चुनौती का सामना करने को हर वक्त तैयार रहें।

चुनौतियां ही इंसान को आगे बढ़ना सिखाती हैं। कहा कि भारतीय सेना के गौरवमयी इतिहास को कायम रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए चाहे उन्हें बड़ी से बड़ी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।

उन्होंने कहा कि वह जिंदगी के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं, इसके लिए आवश्यक है कि आज ली गई शपथ के अनुसार वह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने 42 सप्ताह के कठिन सैन्य प्रशिक्षण के बाद दीक्षा प्राप्त करके भारतीय सेना में शामिल हुए इन 162 जवानों और उनके परिजनों को उनके राइफलमैन बनने पर बधाई दी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed