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न सुरक्षा दीवार लगाई, न राहत दी
Updated Mon, 12 Jun 2017 09:47 PM IST
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रामपुर बुशहर
उपमंडल रामपुर की समेज खड्ड के किनारे करीब आधा दर्जन मकानों को खतरा बना हुआ है। एक साल पहले बरसात के दौरान खड्ड में बाढ़ आने से भारी भूमि कटाव हुआ था। इससे आधा दर्जन मकानों को खतरा पैदा हो गया था। इन मकानों के बचाव के लिए सरकार ने न तो सुरक्षा दीवार लगाई और न ही उनको किसी प्रकार की राहत दी। अब अगर इस खड्ड का जल स्तर जरा भी बढ़ जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है।
अगस्त 2016 को समेज खड्ड में आई बाढ़ के बाद पैदा हुए खतरे से बचाव के लिए प्रशासन ने सुरक्षा दीवार लगाने का आश्वासन दिया था। एक साल बीतने को है और आज दिन तक प्रशासन सुरक्षा दीवार नहीं लगा पाया। प्रभावित लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। बरसात का मौसम अब पास ही है। ऐसे में समेज खड्ड का जल स्तर फिर बढ़ सकता है। समेज के निवासी बहादुर सिंह, संतोष कुमार, दिलाराम, उत्तम राम, प्रभात नेगी, चतर सिंह, अलोक नेगी, रामलाल, खेमचंद, कायथ राम, चंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, चंद्र सिंह का कहना है कि जब बाढ़ आई थी तो उस दिन एसडीएम सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। आश्वासन दिया था कि बाढ़ से मिले जख्मों को जल्द भरा जाएगा। एक वर्ष बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस है। ऐसे में साफ है कि प्रशासन और सरकार की कथनी और करनी में दिन-रात का अंतर है। ग्रामीणों ने कहा कि जिस तरह से आजकल बारिश हो रही है, उससे लगता है कि इस बार बरसात में अधिक वर्षा हो सकती है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द ही लोगों को राहत देने के लिए कार्य शुरू नहीं किया तो आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे। उधर, एसडीएम रामपुर निपुण जिंदल ने कहा कि इस बारे में जानकारी नहीं है। जल्द इस बारे में संबंधित विभाग से जानकारी जुटा कर राहत पहुंचाई जाएगी।
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उपमंडल रामपुर की समेज खड्ड के किनारे करीब आधा दर्जन मकानों को खतरा बना हुआ है। एक साल पहले बरसात के दौरान खड्ड में बाढ़ आने से भारी भूमि कटाव हुआ था। इससे आधा दर्जन मकानों को खतरा पैदा हो गया था। इन मकानों के बचाव के लिए सरकार ने न तो सुरक्षा दीवार लगाई और न ही उनको किसी प्रकार की राहत दी। अब अगर इस खड्ड का जल स्तर जरा भी बढ़ जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है।
अगस्त 2016 को समेज खड्ड में आई बाढ़ के बाद पैदा हुए खतरे से बचाव के लिए प्रशासन ने सुरक्षा दीवार लगाने का आश्वासन दिया था। एक साल बीतने को है और आज दिन तक प्रशासन सुरक्षा दीवार नहीं लगा पाया। प्रभावित लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। बरसात का मौसम अब पास ही है। ऐसे में समेज खड्ड का जल स्तर फिर बढ़ सकता है। समेज के निवासी बहादुर सिंह, संतोष कुमार, दिलाराम, उत्तम राम, प्रभात नेगी, चतर सिंह, अलोक नेगी, रामलाल, खेमचंद, कायथ राम, चंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, चंद्र सिंह का कहना है कि जब बाढ़ आई थी तो उस दिन एसडीएम सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। आश्वासन दिया था कि बाढ़ से मिले जख्मों को जल्द भरा जाएगा। एक वर्ष बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस है। ऐसे में साफ है कि प्रशासन और सरकार की कथनी और करनी में दिन-रात का अंतर है। ग्रामीणों ने कहा कि जिस तरह से आजकल बारिश हो रही है, उससे लगता है कि इस बार बरसात में अधिक वर्षा हो सकती है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द ही लोगों को राहत देने के लिए कार्य शुरू नहीं किया तो आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे। उधर, एसडीएम रामपुर निपुण जिंदल ने कहा कि इस बारे में जानकारी नहीं है। जल्द इस बारे में संबंधित विभाग से जानकारी जुटा कर राहत पहुंचाई जाएगी।
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