{"_id":"5d1e35d88ebc3e3ceb61cfb1","slug":"15622609287-shimla-news61","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जिला परिषद की बैठक में चिट्टे के कारोबार पर एएसपी और जिप सदस्य में बहस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला परिषद की बैठक में चिट्टे के कारोबार पर एएसपी और जिप सदस्य में बहस
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला परिषद की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती चिट्टे की तस्करी, रिज पर कुत्तों का आतंक और सड़क किनारे पैरापिट तथा बैरिकेड्स न होने के मुद्दे गरमाए रहे। बचत भवन में वीरवार को आयोजित जिप की बैठक जिप अध्यक्ष धर्मिला हरनोट की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सबसे पहले झंझीड़ी बस हादसे पर शोक प्रकट किया गया। गांवों में बढ़ते चिट्टे के कारोबार को लेकर एएसपी प्रवीर ठाकुर और नीलम सेरैक के बीच बहस भी हो गई।
जिप सदस्य नीलम सेरैक ने कहा कि नशा माफिया के खिलाफ पुलिस अच्छा काम कर रही है, इसमें कोई दो राय नहीं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नशे का कारोबार बढ़ने लगा है। शिक्षण संस्थानों के साथ लगते जंगलों में इस्तेमाल किए नशे की सामग्री के ढेर लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के युवा नशे को रोजगार का साधन बनाने लगे हैं। नशे की गिरफ्त में स्कूली बच्चे भी आ रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए पुलिस को पुख्ता कदम उठाने चाहिए। इस दिशा में उतना काम नहीं हो रहा। इस पर एएसपी बोले जितना काम छह माह में हुआ है उतरा पिछले दो सालों में नहीं हुआ। इस मुद्दे पर कुछ देर के लिए दोनों में काफी देर तक बहसबाजी होती रही।
एएसपी प्रवीर ठाकुर ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने जो काम पिछले दो साल में नहीं किया वह छह माह में करके दिखाया है। नशा माफिया की सफाई के लिए सभी को एकसाथ काम करना होगा। किसी भी व्यक्ति पर शक हो तो इसकी सूचना पुलिस को दें। उन्होंने सुझाव दिया कि नशा माफिया की सफाई के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से भी जागरूकता कमेटी के सदस्य बनाए जाने चाहिए ताकि वह पुलिस को सूचित कर सकें कि उनके क्षेत्र में कौन लोग नशे के कारोबार से जुड़े हैं। ग्रामीण अपने नजदीकि पुलिस स्टेशन में जाकर इस कमेटी के सदस्य बन सकते हैं।
विज्ञापन
बागवानों की मदद करे समिति
जिला परिषद के सदस्य रीना ठाकुर ने सचिव कृषि उपज एवं विपणन समिति पर आरोप लगाए कि वह मंडी में किसी भी नियम का पालन नहीं कर रहे। विभाग की ओर से बागवानों के लिए कोई खास सहायता नहीं मिल रही। हर साल मंडी में बागवानों के साथ ठगी हो रही है। आढ़तियों के पास फंसा बागवानों का पैसा तुरंत मिलना चाहिए। बैठक की कार्यवाही का संचालन जिला पंचायत अधिकारी एवं सचिव जिला परिषद विजय बरागटा ने किया। बैठक में जिप उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेटका, सदस्य, पंचायत समिति अध्यक्ष, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल नरेश ठाकुर, एएसपी प्रवीर ठाकुर और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
कुत्तों से मुक्त कराएं मालरोड
जिला परिषद की बैठक में आवारा कुत्तों का मुद्दा भी गूंजा। सदस्यों ने कहा कि यह समस्या शहरों से लेकर गांवों तक हो चुकी है। शिमला के मुख्य पर्यटक स्थल माल रोड में कुत्तों की गंभीर समस्या बनी हुई है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की समस्या तो इससे भी अधिक खतरनाक है। प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस पर एक अधिकारी ने कहा कि कुत्तों को मारने के लिए कोई आदेश नहीं है। कई संस्थाएं इसका विरोध करती हैं। तय हुआ कि कुत्तों की जल्द नशबंदी की जाएगी।
विज्ञापन
शिमला। जिला परिषद की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती चिट्टे की तस्करी, रिज पर कुत्तों का आतंक और सड़क किनारे पैरापिट तथा बैरिकेड्स न होने के मुद्दे गरमाए रहे। बचत भवन में वीरवार को आयोजित जिप की बैठक जिप अध्यक्ष धर्मिला हरनोट की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सबसे पहले झंझीड़ी बस हादसे पर शोक प्रकट किया गया। गांवों में बढ़ते चिट्टे के कारोबार को लेकर एएसपी प्रवीर ठाकुर और नीलम सेरैक के बीच बहस भी हो गई।
जिप सदस्य नीलम सेरैक ने कहा कि नशा माफिया के खिलाफ पुलिस अच्छा काम कर रही है, इसमें कोई दो राय नहीं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नशे का कारोबार बढ़ने लगा है। शिक्षण संस्थानों के साथ लगते जंगलों में इस्तेमाल किए नशे की सामग्री के ढेर लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के युवा नशे को रोजगार का साधन बनाने लगे हैं। नशे की गिरफ्त में स्कूली बच्चे भी आ रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए पुलिस को पुख्ता कदम उठाने चाहिए। इस दिशा में उतना काम नहीं हो रहा। इस पर एएसपी बोले जितना काम छह माह में हुआ है उतरा पिछले दो सालों में नहीं हुआ। इस मुद्दे पर कुछ देर के लिए दोनों में काफी देर तक बहसबाजी होती रही।
विज्ञापन
एएसपी प्रवीर ठाकुर ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने जो काम पिछले दो साल में नहीं किया वह छह माह में करके दिखाया है। नशा माफिया की सफाई के लिए सभी को एकसाथ काम करना होगा। किसी भी व्यक्ति पर शक हो तो इसकी सूचना पुलिस को दें। उन्होंने सुझाव दिया कि नशा माफिया की सफाई के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से भी जागरूकता कमेटी के सदस्य बनाए जाने चाहिए ताकि वह पुलिस को सूचित कर सकें कि उनके क्षेत्र में कौन लोग नशे के कारोबार से जुड़े हैं। ग्रामीण अपने नजदीकि पुलिस स्टेशन में जाकर इस कमेटी के सदस्य बन सकते हैं।
विज्ञापन
बागवानों की मदद करे समिति
जिला परिषद के सदस्य रीना ठाकुर ने सचिव कृषि उपज एवं विपणन समिति पर आरोप लगाए कि वह मंडी में किसी भी नियम का पालन नहीं कर रहे। विभाग की ओर से बागवानों के लिए कोई खास सहायता नहीं मिल रही। हर साल मंडी में बागवानों के साथ ठगी हो रही है। आढ़तियों के पास फंसा बागवानों का पैसा तुरंत मिलना चाहिए। बैठक की कार्यवाही का संचालन जिला पंचायत अधिकारी एवं सचिव जिला परिषद विजय बरागटा ने किया। बैठक में जिप उपाध्यक्ष सुरेंद्र रेटका, सदस्य, पंचायत समिति अध्यक्ष, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल नरेश ठाकुर, एएसपी प्रवीर ठाकुर और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
कुत्तों से मुक्त कराएं मालरोड
जिला परिषद की बैठक में आवारा कुत्तों का मुद्दा भी गूंजा। सदस्यों ने कहा कि यह समस्या शहरों से लेकर गांवों तक हो चुकी है। शिमला के मुख्य पर्यटक स्थल माल रोड में कुत्तों की गंभीर समस्या बनी हुई है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की समस्या तो इससे भी अधिक खतरनाक है। प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस पर एक अधिकारी ने कहा कि कुत्तों को मारने के लिए कोई आदेश नहीं है। कई संस्थाएं इसका विरोध करती हैं। तय हुआ कि कुत्तों की जल्द नशबंदी की जाएगी।
सेब सीजन से पहले सड़कों की हालत को सुधारे लोनिवि
जिला परिषद की बैठक में सदस्यों ने रोष जताया कि सेब सीजन नजदीक है और सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है। कहा कि जिले में करोड़ों रुपये का सेब कारोबार होता है, ऐसे में सीजन से पहले इन सड़कों को दुरुस्त किया जाए ताकि बागवानों को किसी तरह का नुकसान न झेलना पड़े।
अपर शिमला में सेब सीजन शुरू हो रहा है, ऐसे में खस्ता हाल सड़कों से हादसे होने का खतरा बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया कि सीजन से ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्गों की मरम्मत की जाए। सड़कों में पड़े गड्ढों के कारण वाहनों के हिचकोले खाने से सेब की फसल मंडियों में पहुंचने से पहले ही खराब हो जाती है।
जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हो रहे सड़क हादसों का मामला भी जिप बैठक में उठा। जिप सदस्यों ने कहा कि कई सड़कों के किनारे पैरापिट और बैरिकेड्स नहीं है। इस वजह से हादसे होने पर लोगों की जानें जा रही हैं। इसके लिए प्रशासन को जल्द कदम उठाने चाहिए ताकि हादसों में कमी आ सके। जिप सदस्य रामलाल खूंद ने ननखड़ी और टुटू के पानी तथा सड़क की मरम्मत का मामला उठाया। लोनिवि अधिकारियों ने सड़कों की नालियां ठीक करने और कलवर्ट बनाने का आश्वासन दिया। वन मंडल अधिकारी सुशील राणा ने बताया कि जंगलों में वन संपदा को आगजनी की घटना से बचाने के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग आवश्यक है।
अपर शिमला में सेब सीजन शुरू हो रहा है, ऐसे में खस्ता हाल सड़कों से हादसे होने का खतरा बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया कि सीजन से ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्गों की मरम्मत की जाए। सड़कों में पड़े गड्ढों के कारण वाहनों के हिचकोले खाने से सेब की फसल मंडियों में पहुंचने से पहले ही खराब हो जाती है।
जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हो रहे सड़क हादसों का मामला भी जिप बैठक में उठा। जिप सदस्यों ने कहा कि कई सड़कों के किनारे पैरापिट और बैरिकेड्स नहीं है। इस वजह से हादसे होने पर लोगों की जानें जा रही हैं। इसके लिए प्रशासन को जल्द कदम उठाने चाहिए ताकि हादसों में कमी आ सके। जिप सदस्य रामलाल खूंद ने ननखड़ी और टुटू के पानी तथा सड़क की मरम्मत का मामला उठाया। लोनिवि अधिकारियों ने सड़कों की नालियां ठीक करने और कलवर्ट बनाने का आश्वासन दिया। वन मंडल अधिकारी सुशील राणा ने बताया कि जंगलों में वन संपदा को आगजनी की घटना से बचाने के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग आवश्यक है।