1541 एसएमसी शिक्षकों की छुट्टी तय, नई भर्ती की अधिसूचना जारी
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हिमाचल के दुर्गम, दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे 1541 एसएमसी शिक्षकों की छुट्टी होना तय हो गया है। प्रदेश सरकार ने इन शिक्षकों की जगह अनुबंध आधार पर आरएंडपी नियमों के तहत नई भर्ती की अधिसूचना जारी कर दी है।
प्रधान सचिव शिक्षा की ओर से जारी पत्र में शिक्षकों के 3636 नए पद भरने के प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट से दो दिसंबर को मिली मंजूरी के बाद शुक्रवार को शिक्षा विभाग ने नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने का पत्र जारी किया।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के माध्यम से नियुक्त किए गए 1541 शिक्षकों की जगह नए शिक्षक भर्ती किए जाएं। सरकार ने शिक्षा विभाग को टीजीटी के 1304, शास्त्री के 1049, जेबीटी के 693 और भाषा अध्यापकों के 590 नए पद भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा है।
टीजीटी के कुल 1304 पदों में से 684 पद आर्ट्स, 359 पद नॉन मेडिकल और 261 पद मेडिकल संकाय से भरे जाएंगे। सामान्य श्रेणी के आर्थिक तौर पर कमजोर आवेदकों को भी इस भर्ती में पहली बार आरक्षण मिलेगा। सालाना चार लाख से कम आय वाले परिवार इस आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे।
दृष्टिपत्र की घोषणा से पलटी सरकार : मनोज
शिक्षकों की इस भर्ती में गैर हिमाचलियों के लिए कड़ी शर्तें लागू होंगी। प्रदेश से दसवीं और जमा दो कक्षा पास करने वाले बाहरी राज्यों के लोग ही इस भर्ती में शामिल हो सकेंगे। सरकार ने एसएमसी शिक्षकों के 1541 पद पहली बार रिक्त पद घोषित करते हुए इनके स्थान पर स्थायी शिक्षकों की भर्ती करने का फैसला लिया है। शिक्षकों के 3636 नए पदों पर बैचवाइज और कमीशन के माध्यम से पचास-पचास फीसदी पद भरे जाएंगे।
एसएमसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज रौंगटा ने कहा है कि प्रदेश के जिन दुर्गम, दूरदराज और जनजातीय स्कूलों में नियमित शिक्षक जाने से गुरेज करते आए हैं ऐसे स्कूलों में एसएमसी शिक्षकों ने सेवाएं देकर बच्चों के भविष्य को संवारा है। भाजपा ने चुनावों के समय दृष्टिपत्र में एसएमसी शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने की घोषणा की थी। अब सरकार बनने पर अपने वायदे से पलटते हुए शिक्षकों को निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मुलाकात की जाएगी।