हिमाचल में नए उद्योगों को बिजली शुल्क में 15 फीसदी छूट
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पहली जुलाई से प्रदेश में उत्पादन शुरू करने वाली औद्योगिक इकाइयों को बिजली शुल्क में 15 फीसदी की छूट मिलेगी। प्रदेश में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए पहली बार ऐसा किया गया है।
इन उद्योगों को तीन साल तक बिजली शुल्क में छूट मिलेगी। इस से औद्योगिक इकाइयों को बिजली बिलों में 50 से 55 पैसे प्रति यूनिट की बचत होगी। इसके अलावा प्रदेश में पहले से स्थापित औद्योगिक इकाइयों को अतिरिक्त बिजली खर्च करने पर 15 फीसदी की रियायत मिलेगी।
आयोग ने पीक ऑवर्स के तहत अधिक बिजली की मांग करने वाले उद्योगपतियों को बड़ी राहत देते हुए सौ रुपये प्रति किलोवॉट प्रति माह के डिमांड चार्ज को हटा दिया है। आयोग ने वोल्टेज के आधार पर औद्योगिक इकाइयों के लिए दरों में पांच से दस पैसे प्रति किलोवॉट की बढ़ोतरी की है।
कृषि उपभोक्ताओं 25 पैसे प्रति किलोवॉट शुल्क में कटौती
132 केवी से दिए कनेक्शन पर प्रति केवी 4.20 की जगह 4.25 रुपये वसूले जाएंगे। 66 केवी से दिए कनेक्शन पर 4.20 की जगह 4.30 रुपये प्रति केवी शुल्क तय किया है। एलटी लाइन के कनेक्शन का शुल्क पांच रुपये प्रति केवी से घटाकर 4.80 रुपये प्रति केवी किया गया है।
एचटी लाइन का शुल्क 4.50 रुपये से कम कर 4.30 रुपये प्रति केवी किया गया है। आयोग ने सिंचाई एवं पेयजल की पंपिंग योजनाओं को चलाने वाले कृषि उपभोक्ताओं को भी राहत दी है। आयोग ने इन उपभोक्ताओं से लिए जाने वाले बिजली शुल्क को 50 पैसे प्रति किलोवॉट कर दिया है।
25 पैसे प्रति किलोवॉट की बिजली शुल्क में कटौती की गई है। एचटी लाइन से लिए कनेक्शन के डिमांड चार्ज को सौ रुपये प्रति केवी प्रतिमाह घटा दिया है। एलटी लाइन कनेक्शन पर शुल्क को 50 रुपये प्रति केवी प्रतिमाह बढ़ाया है।