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सड़क हादसे के शिकार कर्मचारी के परिजनों को दिए 17.5 लाख
अमर उजाला ब्यूरो, बरमाणा (बिलासपुर)
Updated Mon, 14 May 2018 01:42 PM IST
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नई पेंशन नीति कर्मचारी संघ (एनपीएस) ने आईपीएच में तैनात कर्मचारी की सड़क हादसे में मौत के बाद परिवार की आर्थिक मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं। हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों ने 17.5 लाख रुपये की राशि मृतक सुरेश के परिजनों को सौंपी है।
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जानकारी के मुताबिक पंजगाईं में तैनात पंप ऑपरेटर सुरेश गौतम की मौत 30 अप्रैल को दिल्ली में पेंशन बहाली के लिए आयोजित राष्ट्र स्तर की रैली में भाग लेने के बाद लौटते समय करनाल में हुई थी।
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इसके बाद संघ ने प्रदेश सरकार से भी मदद की मांग की थी, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। यहां तक कि किसी भी राजनीतिक दल ने परिवार की सुध लेना जरूरी नहीं समझा। सुरेश अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। सुरेश गौतम परिवार में बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और तीन साल के बेटे को छोड़ गए हैं।
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एनपीएस संघ ने अपने स्तर पर मदद के लिए हाथ बढ़ाए। इसके बाद एनपीएस संघ हिमाचल और हरियाणा ने मिलकर परिवार को 17.5 लाख रुपये की आर्थिक मदद के रूप में दिए। इसी कड़ी में हरियाणा के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने 2.50 रुपये की आर्थिक मदद दी। हिमाचल के राज्य प्रधान नरेश ठाकुर, राज्य के महासचिव भरत शर्मा, राज्य उपाध्यक्ष नित्यानंद शदाता, कांगड़ा
के प्रधान राजेंद्र मन्हास, बिलासुपर के प्रधान राजेंद्र कुमार, बिलासपुर सदर के शशिपाल शर्मा और अजय कुमार डोड, मंडी के प्रदीप कुमार, सोलन के प्रधान श्याम लाल गौतम, घुमारवीं से खूब सिंह, झंडूता से राकेश धीमान, ऊना से नीरज सैनी सुरेश गौतम के घर गए, जहां उन्होंने परिवार को 15 लाख का चैक सौंपा।
राज्य अध्यक्ष नरेश ठाकुर का कहना है कि एक सरकारी कर्मचारी की सड़क हादसे में मौत हो जाती है। लेकिन हैरानी की बात है कि राज्य सरकार की ओर से कर्मचारी के परिवार की सुध तक नहीं ली गई। स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी परिवार की मदद के लिए कोई कदम नहीं उठाए। कहा कि संघ आगे भी मदद करता रहेगा।