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शहर में जर्जर भवनों की मरम्मत होगी न पुनर्निमाण: नगर निगम

Sun, 26 Nov 2017 01:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 26 Nov 2017 01:11 PM IST
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शहर में पुराने भवनों की मरम्मत पर लगी रोक

शहर में अगले तीन माह तक जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण तथा मरम्मत संबंधी कार्य भी नहीं हो पाएंगे। एनजीटी के दिशा निर्देशों के बाद नगर निगम ने फिलहाल शहर के पुराने भवनों के जीर्णोद्घार और पुनर्निर्माण संबंधी कार्यों पर रोक लगा दी है।

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टीसीपी से शहर के लिए डेवलपमेंट प्लान बनने के बाद ही इन भवनों के मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों की अनुमति दी जाएगी। शहर में वर्तमान में सैकड़ों ऐसे भवन हैं, जो जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं।
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जो लोग इनको गिराकर दोबारा भवन बनाने की योजना बना रहे थे, उन्हें अब लंबा इंतजार करना होगा। हालांकि, ऐसा नहीं है कि पुराने भवनों में मरम्मत के कार्य पूरी तरह से रुक जाएंगे।
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लोग भवनों में छोटे-मोटे मरम्मत कार्य करवा सकते हैं। यह रोक उन पर लागू होगी, जिन्होंने जर्जर या अनसेफ भवन को गिराकर नई इमारत बनानी है।

साथ ही वे भवन मालिक भी इसके दायरे में आएंगे जो पुराने भवन का एक या दो फ्लोर गिराकर उसकी मरम्मत करने की योजना बना रहे हैं। ये सभी अब तीन माह बाद ही मरम्मत और पुनर्निर्माण संबंधी काम करवा पाएंगे।

शहर में 300 से ज्यादा असुरक्षित भवन
फैसले से लोअर बाजार, राम बाजार, लक्कड़ बाजार, जाखू, रुल्दूभट्ठा और कृष्णानगर के भवन मालिक सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। इन्हीं क्षेत्रों में सबसे ज्यादा पुराने भवन हैं।

नगर निगम के मुताबिक करीब 300 ऐसे भी भवन हैं जो जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। इन्हें असुरक्षित घोषित किया जा चुका है।

सिर्फ घर बनाने के लिए ही मिलेगी अनुमति
डेवलपमेंट प्लान आने के बाद भी शहर के ग्रीन और कोर एरिया के सिर्फ उन्हीं पुराने भवनों को गिराने और पुनर्निर्माण की अनुमति मिलेगी, जिन्हें रिहायश के मकसद से बनाया जाना है।

व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किसी भी पुराने भवन को गिराकर पुनर्निर्माण की मंजूरी नहीं मिल सकेगी। साथ ही पुराने भवन की जगह जो नई इमारत बनेगी, वह एनजीटी के दिशा निर्देशों के अनुसार ढाई मंजिल तक ही होगी।


क्या कहता है निगम प्रशासन
शहर के कोर और ग्रीन एरिया में निर्माण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग गया है। जो पुराने भवन हैं, उनका पुनर्निर्माण भी फिलहाल नहीं किया जा सकेगा। डेवलपमेंट प्लान के बाद ही इन पर स्थिति स्पष्ट होगी। - जीसी नेगी, नगर निगम आयुक्त

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