बिना पूछे पैसा नहीं खर्च कर पाएंगे सांसद!
लोकसभा की सभी 25 सीटें जीतने के बाद भाजपा ने सांसद निधि को सही तरीकी से खर्च करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के निर्देश पर बनी इस योजना के तहत सांसदों को अपना कोष खर्च करने से पहले पार्टी से पूछना होगा।
सांसद अपने कोष से अपनी मर्जी से सिर्फ 30 प्रतिशत पैसा ही इस्तेमाल कर सकेंगे। बाकी 70 प्रतिशत पैसा संगठन की सिफारिशों, जिला और पंचायत स्तर के संगठन की सिफारिशों के आधार पर खर्च किया जाएगा। यह मॉडल लोकसभा-राज्यसभा के सासदों पर लागू होगा।
भाजपा ने किया ऐसा
सूत्रों के अनुसार संगठन के प्रति जवाबदेही तय करने के लिए भाजपा ने ऐसा किया है। इससे सांसदों के मनमर्जी से किए जाने वाले खर्च पर अंकुश लगेगा।
माना जा रहा है कि सत्ता और संगठन के तालमेल से सांसद निधि खर्च होगी, तो हर स्तर पर समन्वय बेहतर रहेगा। साथ ही, सभी तबकों व क्षेत्रों पर जरूरत के हिसाब से इस निधि को खर्च किया जा सकेगा।