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Hindi News ›   Rajasthan ›   Vipra Welfare Board Chairman Mahesh Sharma wrote a letter to CM Ashok Gehlot on EWS reservation issue

Rajasthan: पायलट गुट के विप्र कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष ने CM को लिखा पत्र, EWS आरक्षण मुद्दे पर सरकार को घेरा

Sat, 21 Jan 2023 11:08 AM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Sat, 21 Jan 2023 11:08 AM IST
सार

EWS अभ्यर्थियों को राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (SET) में 5 फीसदी मार्क्स की छूट नहीं देने के संबंध में विप्र कल्याण बोर्ड अध्यक्ष महेश शर्मा ने सीएम अशोक गहलोत को एक लेटर लिखा है। जिसमें केंद्र की मोदी सरकार के सर्कुलर की पालना करवाने की बात कही गई है।

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Vipra Welfare Board Chairman Mahesh Sharma wrote a letter to CM Ashok Gehlot on EWS reservation issue
विप्र कल्याण बोर्ड अध्यक्ष महेश शर्मा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पायलट खेमे से आने वाले विप्र कल्याण बोर्ड अध्यक्ष महेश शर्मा ने EWS आरक्षण मुद्दे पर अपनी ही सरकार को घेरा है। लेटर में सीएम गहलोत से कहा है कि मैं आपका ध्यान गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा परीक्षा एजेंसी की राज्य पात्रता परीक्षा (SET) की ओर दिलाना चाहता हूं। 

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परीक्षा के नोटिफिकेशन में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों को सेट के आवेदन में 5 फीसदी अंकों की छूट नहीं दी गई है। जिसके कारण लाखों अभ्यर्थी आवेदन से वंचित रह गए हैं। 
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पत्र में कहा गया है , जबकि अन्य आरक्षित वर्ग-एससी, एसटी, और ओबीसी को आवेदन में यह छूट दी गई है। बोर्ड अध्यक्ष महेश शर्मा ने मुख्यमंत्री से EWS वर्ग को भी बाकी के आरक्षण वर्ग के मुताबिक 5 फीसदी अंकों की छूट देने की मांग की है। जिससे लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा के लिए योग्य हो सकें।
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EWS कैंडिडेट्स को SET में 5 प्रतिशत छूट नहीं देना न्यायोचित नहीं 
पत्र में कहा गया है कि इस परीक्षा में अभ्यर्थियों की पात्रता की शर्तों के बिंदु संख्या 2 में अनारक्षित वर्ग के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता पोस्ट ग्रेजुएट में 55 प्रतिशत मार्क्स और आरक्षित वर्ग- ओबीसी, एनसीएल, एससी-एसटी, पीडब्ल्यूडी, थर्ड जेंडर कैटेगरी कैंडीडेट्स में 50 प्रतिशत प्राप्तांक वाले अभ्यर्थियों को पात्र माना गया है। राज्य सरकार ने आर्थिक पिछड़ा वर्ग को भी आरक्षित श्रेणी में माना है, लेकिन तब भी आर्थिक पिछड़ा वर्ग को अन्य वर्ग के समान राज्य पात्रता परीक्षा में 5 प्रतिशत अंक की छूट नहीं दी गई है, जो कि न्यायोचित नहीं है ।

केंद्र सरकार के सर्कुलर की पालना कराएं
पत्र में कहा गया है कि इस संबंध में भारत सरकार के 31 जनवरी 2019 के सर्कुलर में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आर्थिक आरक्षण दिया गया है। इस सर्कुलर की पालना में आर्थिक पिछड़ा वर्ग को वह सभी छूट मान्य है, जो SET परीक्षा में अन्य सभी आरक्षित वर्गों को दी जा रही है। 


मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में केंद्र सरकार के इस सर्कुलर की पालना कर आर्थिक पिछड़ा वर्ग को नियमों के अनुसार सभी लाभ और छूट दिए जा रहे हैं। राज्य पात्रता परीक्षा की इस विसंगति से आर्थिक पिछड़ा वर्ग के लाखों कैंडिडेट्स प्रभावित हो रहे हैं । इसलिए आपसे आग्रह है कि इस परीक्षा की विसंगति को दूर कर अन्य परीक्षाओं में भी आर्थिक पिछड़ा वर्ग को आरक्षित श्रेणी के बराबर लाभ और छूट भारत सरकार के परिपत्र की पालना में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं।

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