Barmer: केंद्रीय मंत्री ने महंगाई राहत शिविर को बताया यातना शिविर, कहा- जनता को परेशान कर रहे हैं कांग्रेसी
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने अराजकता और अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की गहलोत सरकार श्रेय लेने की राजनीति से प्रेरित होकर आम जनता को परेशान कर रही है।
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केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस सरकार की ओर से लगाए गए महंगाई राहत शिविरों को श्रेय लेने की राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास पहले से ही डेटा उपलब्ध है। इसलिए गर्मी के मौसम में आमजन को परेशान करने का कोई मतलब नहीं है।
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जमकर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने संसदीय क्षेत्र बाड़मेर के पचपदरा में राज्य सरकार द्वारा आयोजित महंगाई राहत शिविर में पहुंचे बुजुर्ग पारसमल की मौत का जिम्मेदार सरकार को बताया है। उन्होंने कहा कि यह महंगाई राहत शिविर कम, यातना शिविर अधिक है, जिसमें बुजुर्गों और महिलाओं को इस भीषण गर्मी में राहत योजनाओं के नाम पर परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस सरकार को इन शिविरों में बुलाकर आमजन को परेशान करने के बजाय सीधे उनके बैंक खाते में सहायता राशि ट्रांसफर करना चाहिए।
श्रेय लेने की राजनीति
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने अराजकता और अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की गहलोत सरकार श्रेय लेने की राजनीति से प्रेरित होकर आम जनता को परेशान कर रही है। एक ओर केंद्र सरकार द्वारा जनता को डीबीटी योजना के जरिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर मात्र झूठा श्रेय लेने की राजनीति से प्रेरित इस कथित महंगाई राहत शिविर में जनता को भीषण गर्मी में परेशान होने के लिए विवश किया जा रहा है। कैलाश चौधरी ने कहा कि सरकार के पास राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पहले से ही पंजीकृत लोगों का डेटा पड़ा है, तो इस यातना शिविर का उद्देश्य क्या है? कैलाश चौधरी ने कहा- राज्य सरकार को यदि जनता को राहत दिलाने के लिए पहले आवश्यक तैयारी करनी चाहिए थी। लेकिन इसके स्थान पर आनन-फानन में शिविर आयोजित करके गर्मी के मौसम में शिविर के नाम पर आम जन को परेशान किया जा रहा है।
राहत की जगह परेशानी का सबब बन रहे है शिविर -कैलाश चौधरी
कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रदेश के मुखिया अशोक गहलोत और कांग्रेसी नेता शुरुआती 4 सालों में हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे और अभी चुनावी साल में बजट में की गई थोथी घाेषणाओं और तथाकथित महंगाई राहत शिविरों के माध्यम से आमजन को परेशान करने और चिढ़ाने का काम कर रहे हैं। चौधरी ने कहा कि गहलोत सरकार की गलत नीतियों और कुशासन के कारण ग्राम पंचायतों में वीडीओ, एलडीसी और सरपंच शिविरों का बहिष्कार कर चुके हैं। नगर परिषद क्षेत्रों में नगर परिषद के एलडीसी हड़ताल पर है। ऐसे में चंद निजी कम्प्यूटर ऑपरेटरों के भरोसे घंटों तक लोगों को लाइन में खड़ा करके गर्मी के मौसम में परेशान किया जा रहा है। बिना कोई तैयारी और विजन के लगाए जा रहे ये शिविर आमजन को राहत दिलाने की जगह परेशान करने का काम कर रहे हैं।