उदयपुर निगम चुनाव में दिलचस्प मुकाबला: टिकट कटने पर निर्दलीय उतरे नेता, ट्रांसजेंडर प्रत्याशी ने भी भरा पर्चा
उदयपुर नगर निगम चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन दिग्गज राजनीतिक परिवारों से जुड़े प्रत्याशियों ने पर्चे भरे। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर देवेंद्र माली निर्दलीय उतरे। वार्ड 60 से ट्रांसजेंडर मीरा राठौर ने भी पहली बार नामांकन दाखिल किया।
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उदयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर सोमवार को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन रहा। कलेक्ट्रेट में सुबह से ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भीड़ नजर आई। आखिरी दिन कई चर्चित चेहरों ने नामांकन दाखिल किया। इनमें दिग्गज राजनीतिक परिवारों से जुड़े लोग, कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय उतरे प्रत्याशी और पहली बार चुनाव लड़ रही ट्रांसजेंडर प्रत्याशी शामिल हैं।
कांग्रेस ने एक दिन पहले ही उदयपुर नगर निगम के सभी 80 वार्डों के लिए अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी थी। वहीं, बीजेपी की ओर से अभी तक औपचारिक सूची जारी नहीं की गई है। राजनीतिक गलियारों में इसे संभावित बगावत और असंतोष से होने वाले नुकसान को कम करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
दिग्गज राजनीतिक परिवारों से जुड़े चेहरे भी मैदान में
नामांकन के आखिरी दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास के भाई गोपाल शर्मा की बहू हिंताशी शर्मा ने भी नामांकन दाखिल किया। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गुलाबचंद कटारिया के दामाद के भाई अतुल चंडालिया ने वार्ड 76 से पर्चा दाखिल किया। इन चर्चित चेहरों के चुनावी मैदान में उतरने से नगर निगम चुनाव का मुकाबला और रोचक हो गया है।
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कांग्रेस से टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय उतरे देवेंद्र माली
कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद देवेंद्र माली ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने वार्ड 54 से नामांकन दाखिल किया। टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में सामने आई नाराजगी का असर अब चुनावी मैदान में भी दिखाई दे रहा है।
वार्ड 60 से पहली बार ट्रांसजेंडर प्रत्याशी ने भरा पर्चा
नामांकन के आखिरी दिन वार्ड 60 सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। मादड़ी क्षेत्र से मीरा राठौर ने नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है। वह ट्रांसजेंडर समुदाय से आती हैं और पहली बार नगर निगम चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। मीरा राठौर ने कहा कि वह जनता की सेवा और अपने क्षेत्र के विकास के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतरी हैं। उन्होंने कहा कि मादड़ी क्षेत्र अभी काफी पिछड़ा हुआ है। ऐसे में नई तकनीक के इस्तेमाल से क्षेत्र का विकास करना और महिलाओं को आगे लाना उनकी प्राथमिकता होगी।
शिवसेना शिंदे गुट ने दिया समर्थन
मीरा राठौर को शिवसेना के शिंदे गुट की ओर से समर्थन मिला है। शिवसेना जिला प्रमुख राजेश वैष्णव ने कहा कि राजनीतिक दल अक्सर अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देते हैं और ट्रांसजेंडर समुदाय को चुनावी राजनीति में पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अनारक्षित सीट को लेकर राजनीतिक दलों ने गंभीरता नहीं दिखाई। ऐसे में शिवसेना के शिंदे गुट ने मीरा राठौर को चुनाव लड़ने का अवसर दिया है। वैष्णव ने विश्वास जताया कि मीरा राठौर जनता के विश्वास पर खरी उतरेंगी।
नामांकन के बाद साफ होगी चुनावी तस्वीर
उदयपुर नगर निगम चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी तस्वीर और साफ होगी। दिग्गज राजनीतिक परिवारों से जुड़े प्रत्याशियों से लेकर टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय मैदान में उतरे उम्मीदवारों और पहली बार चुनाव लड़ रही ट्रांसजेंडर प्रत्याशी तक, नामांकन के आखिरी दिन उदयपुर की सियासत में कई रंग देखने को मिले। अब सभी की नजरें नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पर हैं। इसके बाद साफ होगा कि नगर निगम के 80 वार्डों में कितने प्रत्याशी चुनाव मैदान में रहेंगे और किन वार्डों में मुकाबला सबसे ज्यादा रोचक होने वाला है।