उदयपुर: पुलिस के पहरे में निकली कांस्टेबल की बारात, जानें किसके डर से दूल्हे ने मांगी थी सुरक्षा
राजस्थान के उदयपुर के गांव में दलित दूल्हे को डर था कि गांव के दबंग लोग उसे घोड़ी से उतार देंगे। खुद कांस्टेबल होने के बावजूद उसने पुलिस से सुरक्षा मांगी। बाद पुलिस सुरक्षा में बारात निकाली गई और शादी की शादी की रस्मों को अदा किया।
विस्तार
आजादी के 74 साल भी बाद भी गांवों में जातिवाद और ऊंच-नीच वाली भावना लोगों पर हावी है। राजस्थान के उदयपुर के गांव से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां दलित दूल्हे को डर था कि गांव के दबंग लोग उसे घोड़ी से उतार देंगे। खुद कांस्टेबल होने के बावजूद उसने पुलिस से सुरक्षा मांगी। बाद पुलिस सुरक्षा में बारात निकाली गई और शादी की शादी की रस्मों को अदा किया।
राजस्थान में उदयपुर के राव मादड़ा में मंगलवार को एक कांस्टेबल कमलेश मेघवाल की पुलिस बल की मौजूदगी में शादी हुई। कांस्टेबल कमलेश मेघवाल को घोड़ी पर जाने पर विवाद होने की आशंका थी। शादी से पहले ही दूल्हे कमलेश ने पुलिस से शादी में सुरक्षा की गुहार की थी। इस पर शादी के दौरान डिप्टी एसपी, नायब तहसीलदार सहित दो थानों की फोर्स को तैनात किया गया। पुलिस सुरक्षा में बारात निकाली गई और शादी की सारी रस्में की गईं।
भाई ने कहा- घोड़ी से उतारने का डर था इसलिए मांगी सुरक्षा
दूल्हे के भाई दुर्गेश ने बताया कि गांव में दलित समाज के लोगों को घोड़ी पर बैठ बिंदोली नहीं निकालने दी जाती है। इससे पहले भी गांव में कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जब दलित दूल्हे को बिंदौली के वक्त घोड़ी से उतार दिया गया। इसकी वजह से शादी से पहले ही पुलिस और प्रशासन से मदद मांगी गई थी। प्रशासन की देखरेख में शादी की रस्मों को पूरा कर लिया गया है। वहीं राव मादड़ा के उप सरपंच योगेंद्र सिंह राव ने कहा कि गांव में इससे पहले ऐसी कोई घटना नहीं हुई। उसने सिर्फ पुलिसिया रौब झाड़ने के लिए ऐसा किया।
ग्रामीणों का कहना- पब्लिसिटी पाने को गांव की छवि घूमिल की
रावमादड़ा के ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था देना पुलिस का काम है। फिर भी इससे उनके गांव का अपमान हुआ है। रावमादड़ा में कभी भी किसी भी जाति के दूल्हे को घोड़ी से उतारना तो दूर, अपमान तक नहीं किया गया। उपसरपंच योगेंद्र सिंह राव ने कहा कि हमारे गांव में सांप्रदायिक सौहार्द का वातावरण है। पहले कभी किसी जाति विशेष के साथ इस तरह की घटना नहीं की गई। सिर्फ पुलिसिया रौब झाड़ने और पब्लिसिटी पाने के लिए दूल्हे कमलेश ने गांव की छवि को धूमिल कर दिया।