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Udaipur: पुलिसकर्मी इस बार नहीं खेलेंगे होली, धरी रह गई सारी तैयारियां; वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग
Sat, 15 Mar 2025 01:14 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Sat, 15 Mar 2025 01:14 PM IST
सार
Udaipur: पुलिस लाइन में हर साल होने वाले होली उत्सव की तरह ग्राउंड में गुलाल आदि सजाई गई, लेकिन सब कुछ सूना रहा। इक्के दुक्के पुलिसकर्मी जरूर एक दूसरे को रंग लगाते दिखाई दिए है। इस तरह, वेतन विसंगति और पदोन्नति में भेदभाव को लेकर राजस्थान पुलिसकर्मी इस बार होली नहीं मना रहे हैं
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धरी रह गई तैयारियां
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक के अधिकारियों ने इस साल होली नहीं मनाने का फैसला किया है। आमतौर पर पुलिसकर्मी ड्यूटी के चलते होली के दूसरे दिन त्योहार मनाते हैं, लेकिन इस बार सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर बहिष्कार की घोषणा की गई है। इसी क्रम मे उदयपुर के पुलिसकर्मियों ने भी रंगों को हाथ नहीं लगाया। उदयपुर पुलिस लाइन मे हर साल की तरह इस बार भी सभी व्यवस्थाएं की गई, लेकिन कोई पुलिसकर्मी होली खेलने नहीं पहुंचा और ग्राउंड सूना रहा।
क्या है होली बहिष्कार की वजह?
दरअसल, पुलिसकर्मियों में वेतन विसंगति और डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) को लेकर नाराजगी है। पुलिस विभाग में पदोन्नति के बाद भी अन्य सरकारी विभागों की तुलना में वेतनमान कम रहता है। इससे निचले स्तर के पुलिसकर्मी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
वेतन विसंगति का मामला
राजस्थान पुलिस में सिपाही का प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200 रुपये और ग्रेड पे 1900 रुपये होता है। पहली पदोन्नति के बाद पटवारी की ग्रेड पे 3200 रुपये, कनिष्ठ लिपिक की 2400 रुपये हो जाती है, लेकिन सिपाही की केवल 2000 रुपये ही रहती है। दूसरी पदोन्नति पर पटवारी और कनिष्ठ लिपिक की ग्रेड पे 3600 और 3200 रुपये तक बढ़ जाती है, जबकि एएसआई बने सिपाही की ग्रेड पे केवल 2400 रुपये होती है। 27 साल की सेवा में सिपाही उपनिरीक्षक, पटवारी तहसीलदार और कनिष्ठ लिपिक कार्यालय अधीक्षक बन जाता है। तब तहसीलदार की ग्रेड पे 4200 रुपये, कार्यालय अधीक्षक की 3600 रुपये और उपनिरीक्षक की 3600 रुपये होती है। इससे पुलिसकर्मी अन्य विभागों की तुलना में खुद को आर्थिक रूप से पीछे पाते हैं।
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ये भी पढ़ें: धुलंडी पर निकली विष्णुरूपी दूल्हे की अनूठी बरात, बिना फेरे...बिना दुल्हन; फिर भी शादी जैसा माहौल
क्या सभी पुलिसकर्मी होली नहीं मनाएंगे ?
पुलिसकर्मियों द्वारा होली नहीं मनाने को लेकर कुछ स्थानों पर संशय की स्थिति बनी हुई है। कुछ पुलिसकर्मी खुलकर विरोध नहीं जता रहे हैं, लेकिन कई पुलिस थानों में इस बार होली की कोई तैयारी नहीं की गई है। उदयपुर के सूरजपोल थाने मे भी इस बार कोई तैयारी नहीं की गई, सभी पुलिसकर्मी हमेशा की तरह ड्यूटी पर है।
इधर पुलिस लाइन में हर साल होने वाले होली उत्सव की तरह ग्राउंड में गुलाल आदि सजाई गई, लेकिन सब कुछ सूना रहा। इक्के दुक्के पुलिसकर्मी जरूर एक दूसरे को रंग लगाते दिखाई दिए है। इस तरह, वेतन विसंगति और पदोन्नति में भेदभाव को लेकर राजस्थान पुलिसकर्मी इस बार होली नहीं मना रहे हैं और सरकार से अपनी मांगों पर ध्यान देने की अपील कर रहे हैं।
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क्या है होली बहिष्कार की वजह?
दरअसल, पुलिसकर्मियों में वेतन विसंगति और डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) को लेकर नाराजगी है। पुलिस विभाग में पदोन्नति के बाद भी अन्य सरकारी विभागों की तुलना में वेतनमान कम रहता है। इससे निचले स्तर के पुलिसकर्मी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
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वेतन विसंगति का मामला
राजस्थान पुलिस में सिपाही का प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200 रुपये और ग्रेड पे 1900 रुपये होता है। पहली पदोन्नति के बाद पटवारी की ग्रेड पे 3200 रुपये, कनिष्ठ लिपिक की 2400 रुपये हो जाती है, लेकिन सिपाही की केवल 2000 रुपये ही रहती है। दूसरी पदोन्नति पर पटवारी और कनिष्ठ लिपिक की ग्रेड पे 3600 और 3200 रुपये तक बढ़ जाती है, जबकि एएसआई बने सिपाही की ग्रेड पे केवल 2400 रुपये होती है। 27 साल की सेवा में सिपाही उपनिरीक्षक, पटवारी तहसीलदार और कनिष्ठ लिपिक कार्यालय अधीक्षक बन जाता है। तब तहसीलदार की ग्रेड पे 4200 रुपये, कार्यालय अधीक्षक की 3600 रुपये और उपनिरीक्षक की 3600 रुपये होती है। इससे पुलिसकर्मी अन्य विभागों की तुलना में खुद को आर्थिक रूप से पीछे पाते हैं।
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क्या सभी पुलिसकर्मी होली नहीं मनाएंगे ?
पुलिसकर्मियों द्वारा होली नहीं मनाने को लेकर कुछ स्थानों पर संशय की स्थिति बनी हुई है। कुछ पुलिसकर्मी खुलकर विरोध नहीं जता रहे हैं, लेकिन कई पुलिस थानों में इस बार होली की कोई तैयारी नहीं की गई है। उदयपुर के सूरजपोल थाने मे भी इस बार कोई तैयारी नहीं की गई, सभी पुलिसकर्मी हमेशा की तरह ड्यूटी पर है।
इधर पुलिस लाइन में हर साल होने वाले होली उत्सव की तरह ग्राउंड में गुलाल आदि सजाई गई, लेकिन सब कुछ सूना रहा। इक्के दुक्के पुलिसकर्मी जरूर एक दूसरे को रंग लगाते दिखाई दिए है। इस तरह, वेतन विसंगति और पदोन्नति में भेदभाव को लेकर राजस्थान पुलिसकर्मी इस बार होली नहीं मना रहे हैं और सरकार से अपनी मांगों पर ध्यान देने की अपील कर रहे हैं।