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Udaipur: 51 का काम किया, ठेकेदार ने दिए चार लाख, परिवार संग भूख हड़ताल पर MP के मजदूर, गर्भवती की तबीयत बिगड़ी
Wed, 05 Mar 2025 12:04 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Wed, 05 Mar 2025 12:04 PM IST
सार
कलेक्टर बंगले के बाहर धरने पर बैठे 150 से ज्यादा मजदूरों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। एक महिला श्रमिक ने बताया कि उन्हें ज्यादा मजदूरी का लालच देकर मध्यप्रदेश से बुलाया गया था, लेकिन अब रेंजर-ठेकेदार पैसा नहीं दे रहे हैं।
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गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उदयपुर कलेक्टर निवास के बाहर 150 से ज्यादा मजदूर दो दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। बीती रात करीब 10:30 बजे भूख हड़ताल पर बैठी एक गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ गई, जिसे 108 एंबुलेंस से एमबी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया।
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इन श्रमिकों का कहना है कि वे परसाद क्षेत्र के रेंजर भभूति के लिए काम करने मध्यप्रदेश से उदयपुर आए थे। वे करीब तीन महीने से यहां काम कर रहे हैं। उन्होंने करीब 51 लाख रुपये का काम किया है, लेकिन रेंजर भभूति और ठेकेदार (जो उनके बेटे हैं) ने उन्हें सिर्फ 4 लाख रुपये ही दिए। जब वे बकाया पैसा मांगने गए तो उन्हें मारने की धमकी दी गई। इसके बाद वे उदयपुर कलेक्टर से मिलने पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला।
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धरने में महिलाएं और बच्चे भी शामिल
कलेक्टर बंगले के बाहर धरने पर बैठे 150 से ज्यादा मजदूरों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। एक महिला श्रमिक ने बताया कि उन्हें ज्यादा मजदूरी का लालच देकर मध्यप्रदेश से बुलाया गया था, लेकिन अब रेंजर और ठेकेदार पैसा नहीं दे रहे हैं। दो दिन से हम सड़क पर बैठे हैं, हमारे पास खाने-पीने का भी कोई सामान नहीं है। श्रमिकों ने कलेक्टर से मांग करते हुए कहा कि उनका बकाया पैसा दिलवाया जाए। मजदूरों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वे धरने से नहीं हटेंगे।