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Udaipur News: बदला लेने के लिए दूसरों को फंसाने निकले थे लेकिन ऐसा कुछ हुआ कि खुद पुलिस के हत्थे चढ़ गए, जानें
Sat, 20 Sep 2025 11:17 AM IST
उदयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: उदयपुर ब्यूरो
Updated Sat, 20 Sep 2025 11:17 AM IST
सार
दुश्मनी का बदला लेने के लिए दूसरों को फंसाने निकले युवक खुद ही पुलिस की हिरासत में पहुंच गए। आरोपियों के पास से 15 कारतूस और एक बाइक जब्त की गई है।
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पुलिस हिरासत में आरोपी
विस्तार
कभी लालच तो कभी जायदाद की लड़ाई… इंसान को किस मोड़ पर ले आए, कहना मुश्किल है। उदयपुर में दो अलग कहानियों ने मिलकर एक ऐसी साजिश को जन्म दिया, जिसमें बदला लेने निकले तीन युवक खुद ही सलाखों के पीछे पहुंच गए।
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हिरणमगरी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को 15 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। इनमें दो सगे भाई और उनका एक परिचित शामिल है। जांच में खुलासा हुआ कि असल मंशा गोली चलाने की नहीं, बल्कि दूसरों को झूठे मुकदमे में फंसाने की थी।
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जानकारी के अनुसार कानोड़ का रहने वाला गिरफ्तार आरोपी रमेशचंद्र लोहार एक साल पहले सोहाणा गांव के तांत्रिक मोहनदास वैष्णव के संपर्क में आया। तांत्रिक ने झांसा दिया कि उसके पास ऐसा उपाय है, जिससे पैसा दोगुना हो जाएगा। लालच में आकर रमेश ने 5 लाख रुपये दे दिए, लेकिन पैसा वापस नहीं मिला। तभी से रमेश और उसका भाई कैलाश मोहनदास से बदला लेने की ठान बैठे।
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तीसरा आरोपी सुरेन्द्र सिंह शाकावत पारोला का रहने वाला है। उसका अपने ही भाई हिम्मत सिंह से जमीन और मकान को लेकर विवाद चल रहा है। हिम्मत ने कोर्ट से स्टे ले रखा है, जिसके चलते सुरेन्द्र मकान निर्माण नहीं कर पा रहा था। इसी रंजिश ने उसे अपने भाई को झूठे केस में फंसाने की राह पर धकेल दिया।
तीनों ने मिलकर योजना बनाई कि बाजार से जिंदा कारतूस खरीदकर मोहनदास और हिम्मत सिंह की गाड़ियों में रख दिए जाएं। फिर पुलिस को खबर करके दोनों को आर्म्स एक्ट में पकड़वा दिया जाए लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया और हिरणमगरी पुलिस ने तीनों को कारतूस समेत दबोच लिया।
थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि आरोपियों के पास से 15 कारतूस और एक बाइक जब्त की गई है। इस पूरी कार्रवाई में कांस्टेबल कपलेश पटेल और विजय सिंह की अहम भूमिका रही।