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दो करोड़ का घूसकांड: एसीबी के हाथ लगी दलाल की ऑडियो रिकॉर्डिंग
Fri, 02 Oct 2026 06:48 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Fri, 02 Oct 2026 06:48 PM IST
सार
उदयपुर के दो करोड़ रुपये के कथित रिश्वत मामले में एसीबी के हाथ दलाल और परिवादी के बीच बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग लगी है। रिकॉर्डिंग में दो करोड़ में से एक करोड़ रुपये ऊपर तक पहुंचाने की बात सामने आने का दावा है। एसीबी मोबाइल फोन, फरार सिपाही और जब्त सामान से जुड़े दावों की भी जांच कर रही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विशेष अभियान समूह (एसओजी) के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सोनी और दलाल सज्जन सिंह के दो करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के हाथ महत्वपूर्ण रिकॉर्डिंग लगी है। दलाल सज्जन सिंह और परिवादी निरंजन मोगरा के बीच हुई इस बातचीत में दलाल यह कहता सुनाई दे रहा है कि रिश्वत की दो करोड़ रुपये की राशि में से एक करोड़ रुपये ऊपर तक पहुंचाए जाएंगे। इस ऑडियो के सामने आने के बाद एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत की आधी रकम किसे दी जानी थी और इस मामले में कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।
मोबाइल का पासवर्ड और समय परिवर्तन
एसीबी आरोपी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सोनी का मोबाइल फोन चालू कराने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ले रही है, क्योंकि पूछताछ के दौरान आरोपी पासवर्ड नहीं बता रहा है। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि मोबाइल से रिश्वत के बंटवारे की पूरी श्रृंखला उजागर हो जाएगी। रिश्वत के लिए 23 सितंबर को रानी रोड पर मुलाकात तय हुई थी। उस दिन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने तीन बार मिलने का समय बदला। पहले सुबह 10 बजे, फिर दोपहर एक बजे और अंत में शाम पांच बजे का समय दिया। शाम साढ़े छह बजे महाकालेश्वर मंदिर के पास पहुंचे अधिकारी ने अपनी कार में परिवादी व दलाल को बुलाकर मोबाइल स्क्रीन पर दो करोड़ रुपये लिखकर दिखाए।
फरार सिपाही का पुनः पदस्थापन
मामले में रीडर सिपाही जसवंत राव फिलहाल फरार चल रहा है। इस बीच पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक की अनुशंसा पर राज्य भर में 30 सिपाहियों को एसओजी में तैनात किया है। इस नई तैनाती सूची में दो करोड़ रुपये के घूसकांड में फरार चल रहे सिपाही जसवंत सिंह राव और सिपाही अंकित को भी वापस एक साल के लिए एसओजी में लगा दिया गया है। एसीबी फरार सिपाही को गिरफ्तार करने के बाद दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
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जब्ती के सामान पर गहराया विवाद
परिवादी निरंजन मोगरा का आरोप है कि उसकी और उसकी पत्नी की गिरफ्तारी के समय आरोपी अधिकारी ने घर से दो किलोग्राम सोना, 11 लाख रुपये नकद, सोने के कंगन, घड़ी और जमीन के दस्तावेज जब्त किए थे। परिवादी का कहना है कि सोने के कंगन, घड़ी और जमीन के कागजात जब्ती रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किए गए। वहीं दूसरी ओर, पूछताछ में आरोपी अधिकारी किसी भी कीमती सामान या दस्तावेज की जब्ती से साफ इन्कार कर रहा है। एसीबी इस पूरे मामले में परिवादी से जब्त तीन खाली चेक, कंगन, घड़ी और जमीन के दस्तावेज के संबंध में गहराई से जांच कर रही है।
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मोबाइल का पासवर्ड और समय परिवर्तन
एसीबी आरोपी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सोनी का मोबाइल फोन चालू कराने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ले रही है, क्योंकि पूछताछ के दौरान आरोपी पासवर्ड नहीं बता रहा है। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि मोबाइल से रिश्वत के बंटवारे की पूरी श्रृंखला उजागर हो जाएगी। रिश्वत के लिए 23 सितंबर को रानी रोड पर मुलाकात तय हुई थी। उस दिन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने तीन बार मिलने का समय बदला। पहले सुबह 10 बजे, फिर दोपहर एक बजे और अंत में शाम पांच बजे का समय दिया। शाम साढ़े छह बजे महाकालेश्वर मंदिर के पास पहुंचे अधिकारी ने अपनी कार में परिवादी व दलाल को बुलाकर मोबाइल स्क्रीन पर दो करोड़ रुपये लिखकर दिखाए।
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फरार सिपाही का पुनः पदस्थापन
मामले में रीडर सिपाही जसवंत राव फिलहाल फरार चल रहा है। इस बीच पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक की अनुशंसा पर राज्य भर में 30 सिपाहियों को एसओजी में तैनात किया है। इस नई तैनाती सूची में दो करोड़ रुपये के घूसकांड में फरार चल रहे सिपाही जसवंत सिंह राव और सिपाही अंकित को भी वापस एक साल के लिए एसओजी में लगा दिया गया है। एसीबी फरार सिपाही को गिरफ्तार करने के बाद दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
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जब्ती के सामान पर गहराया विवाद
परिवादी निरंजन मोगरा का आरोप है कि उसकी और उसकी पत्नी की गिरफ्तारी के समय आरोपी अधिकारी ने घर से दो किलोग्राम सोना, 11 लाख रुपये नकद, सोने के कंगन, घड़ी और जमीन के दस्तावेज जब्त किए थे। परिवादी का कहना है कि सोने के कंगन, घड़ी और जमीन के कागजात जब्ती रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किए गए। वहीं दूसरी ओर, पूछताछ में आरोपी अधिकारी किसी भी कीमती सामान या दस्तावेज की जब्ती से साफ इन्कार कर रहा है। एसीबी इस पूरे मामले में परिवादी से जब्त तीन खाली चेक, कंगन, घड़ी और जमीन के दस्तावेज के संबंध में गहराई से जांच कर रही है।